CM योगी ने मनरेगा की जगह लेने वाले नये कानून को लेकर विपक्ष पर बोला हमला

दशकों तक देश के संसाधनों को लूटा और गरीबों को भूख और पलायन की ओर धकेला
सीएम योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी आदित्यनाथ
Published on: 

लखनऊ : कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आरोप लगाया कि जिन्होंने 'दशकों तक देश के संसाधनों को लूटा और गरीबों और युवाओं को भूख और पलायन की ओर धकेला', वे अब ग्रामीण भारत को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए एक पारदर्शी सुधार पर सवाल उठा रहे हैं।

इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य, और निषाद पार्टी, सुभासपा और अपना दल (एस) सहित राजग सहयोगियों के मंत्री शामिल हुए।

कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) पर निशाना साधते हुए, आदित्यनाथ ने कहा, जिन्होंने दशकों तक देश के संसाधनों को लूटा और गरीबों और युवाओं को भूख और पलायन की ओर धकेला, वे अब ग्रामीण भारत को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए एक पारदर्शी सुधार पर सवाल उठा रहे हैं।

आदित्यनाथ ने इस कानून को गांव-केंद्रित विकास के लिए एक मील का पत्थर बताते हुए कहा, यह कानून वीबीजी राम जी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए लाया गया है। यह रोजगार की गारंटी देगा, आजीविका सुनिश्चित करेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी बुनियादी ढांचा तैयार करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का विरोध करने वालों को डर है कि ऐसे पारदर्शी सुधारों के समर्थन से उनकी पिछली नाकामियां उजागर हो जाएंगी। उन्होंने कहा, अगर जनता यह पूछने लगे कि जब वे सत्ता में थे तो ये कदम क्यों नहीं उठाए गए, तो उनकी सच्चाई सामने आ जाएगी।

आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि मनरेगा टिकाऊ संपत्ति बनाने में विफल रहा और फर्जी जॉब कार्ड, फर्जी हाजिरी, मजदूरी के भुगतान में देरी, कमजोर सोशल ऑडिट और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार से ग्रस्त था। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को अक्सर समय पर रोजगार और भुगतान से वंचित रखा जाता था, जबकि किसानों को बुवाई और कटाई के मौसम में मजदूरों की भारी कमी का सामना करना पड़ता था।

नए कानून के मुख्य प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि रोजगार गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है, जिसमें श्रमिकों को साप्ताहिक भुगतान और देरी होने पर अनिवार्य मुआवजा शामिल है। उन्होंने कहा कि अगर मांग पर काम नहीं मिलता है, तो अब बेरोज़गारी भत्ता एक कानूनी अधिकार बन गया है।

इस कानून का स्वागत करते हुए आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी और राजग का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सुधार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, किसानों और मज़दूरों को सशक्त बनाएगा और एक विकसित भारत के लिए एक मजबूत नींव रखेगा।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in