

प्रयागराज : प्रयागराज में भाजपा के प्रबुद्ध सम्मेलन के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के सामने एक पार्टी कार्यकर्ता के साथ कथित मारपीट का मामला गरमा गया है। प्रयागराज उत्तर से भाजपा विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए उपमुख्यमंत्री से आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
यह घटना मंगलवार को परेड मैदान में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन के दौरान हुई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में भाजपा कार्यकर्ता रोहित तिवारी उर्फ काका, उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य से यूजीसी (आरक्षण) मुद्दे पर बोलने का अनुरोध करते नजर आ रहे हैं।
इस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वे जरूर बोलेंगे। लेकिन इसी बीच अल्लापुर के पार्षद विनय मिश्रा उर्फ शिंटू ने रोहित तिवारी को पकड़कर धक्का दिया और सम्मेलन से बाहर कर दिया।
इस घटना के बाद रोहित तिवारी ने बुधवार को दारागंज थाने में पार्षद विनय मिश्रा के खिलाफ गाली-गलौज और मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया है।
विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने इस मामले में उपमुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले पार्षद विनय मिश्रा पर निशाना साधा है। उन्होंने 'पीटीआई-भाषा' से बातचीत में कहा कि सवाल पूछने वाले रोहित तिवारी गंगापार के कोरांव इलाके के एक संघर्षशील भाजपा कार्यकर्ता हैं। पार्षद विनय मिश्रा ने उपमुख्यमंत्री के सामने नंबर बढ़ाने (श्रेय लेने) के चक्कर में उनके साथ मारपीट की। विधायक ने कहा कि उपमुख्यमंत्री को आरोपी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए थी।
बाजपेयी ने इस आयोजन के नाम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, वास्तव में यह एक ब्राह्मण सम्मेलन था, पता नहीं क्यों इसका नाम प्रबुद्ध सम्मेलन रखा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोहित तिवारी ने भाजपा को किसी असमंजस में डालने के लिए सवाल नहीं पूछा था। यूजीसी आरक्षण एक भावनात्मक मुद्दा है, जिससे लोगों को लगता है कि उनकी आने वाली पीढ़ी का भविष्य प्रभावित होगा। सार्वजनिक रूप से उस कार्यकर्ता को बेइज्जत किए जाने से पूरा ब्राह्मण समाज आहत है।