बरेली : बेटियों की गवाही पर मां के हत्यारे पिता को उम्रकैद की सजा, 10 हजार रुपये का जुर्माना भी

घटना 19 नवंबर, 2024 को बरेली के भूता थाना इलाके के अंगदपुर खमरिया गांव की
सांकेतिक तस्वीर
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बरेली : जिले की स्थानीय अदालत ने एक व्यक्ति को अपनी पत्नी की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने व्यक्ति की 2 नाबालिग बेटियों की गवाही के आधार पर उसे यह सजा सुनाई।

अभियोजन पक्ष ने बताया कि विशेष न्यायाधीश तबरेज अहमद ने गुरुवार को दोषी रमेश चंद्र को उम्रकैद की सजा सुनाई और 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अपर शासकीय अधिवक्ता दिगंबर पटेल के मुताबिक, यह घटना 19 नवंबर, 2024 को बरेली के भूता थाना इलाके के अंगदपुर खमरिया गांव में हुई थी।

पुलिस को जानकारी मिली थी कि रमेश चंद्र ने अपनी पत्नी राजेश्वरी देवी (35) पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जांच के दौरान पता चला कि व्यक्ति को शक था कि एक रिश्तेदार से राजेश्वरी का अवैध संबंध है। घटना वाले दिन राजेश्वरी जब घर में खाना बना रही थी तभी दंपति के बीच इस बात को लेकर बहस हुई थी।

पटेल ने बताया कि गुस्से में आकर आरोपी ने उसके सिर और गर्दन पर ‘बांका’ (खेती का एक तेज धार वाला औजार) से कई बार हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के समय उनकी दो बेटियां – अपराजिता (14) और स्वाति (5) घर में मौजूद थीं। स्वाति, जो अपनी मां की गोद में बैठी थी, उसे भी हमले में चोटें आईं।

पोस्टमॉर्टम के बाद, पुलिस ने परिवार वालों से शिकायत मांगी, लेकिन कोई सामने नहीं आया। इसके बाद, उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की।

मुकदमे के दौरान, सरकारी वकील ने आरोपी की दोनों बेटियों समेत 10 गवाहों से पूछताछ की। कक्षा नौ की छात्रा अपराजिता ने अदालत को बताया कि जब वह उस शाम स्कूल से लौटी, तो उसकी मां खाना बना रही थी और उसकी छोटी बहन उसके पास बैठी थी। उसने कहा कि उसके पिता ने एक रिश्तेदार के बार-बार आने को लेकर उसकी मां से बहस करना शुरू कर दिया और फिर हथियार उठाकर उस पर हमला करना शुरू कर दिया।

अभियोजन पक्ष ने बताया कि स्वाति ने अदालत के सामने अपने बयान में कहा कि झूठ बोलना गलत है और बताया कि उसके पिता ने ही उसकी मां को मारा था। पटेल ने कहा कि दोनों बेटियों के बयानों और घटनास्थल पर मिले सबूतों के आधार पर, अदालत ने रमेश चंद्र को दोषी ठहराया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई तथा 10,000 रुपये के जुर्माना भी लगाया।

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