गोरक्षा अभियान के लिए 3 मई से 81 दिवसीय 'गविष्टि यात्रा', अविमुक्तेश्वरानंद ने किया ऐलान

गाय को 'राष्ट्र माता' का दर्जा देने और गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने की मांग
संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
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लखनऊ : संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गाय को 'राष्ट्र माता' का दर्जा देने और देश भर में गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने के लिए दबाव बनाने के लिए तीन मई से 81 दिवसीय राज्यव्यापी अभियान शुरू की बुधवार को घोषणा की।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यहां एक सभा में कहा कि ‘गविष्टि यात्रा’ नामक यह अभियान तीन मई को गोरखपुर से शुरू होगा और राज्य भर के गांवों से गुजरते हुए 23 जुलाई को समाप्त होगा। 'गविष्टि यात्रा' एक वैदिक शब्द है जिसका गायों की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, यात्रा एक परिक्रमा होगी। यह गोरखपुर में शुरू होगी और वहीं समाप्त होगी। इसमें भाग लेने वाले लोगों के बीच गोरक्षा और 'जमीनी स्तर पर उसकी वास्तविक स्थिति' के बारे में जागरूकता फैलाएंगे। उन्होंने कहा कि लखनऊ की सभा ने गोरक्षा के लिए 'धर्म युद्ध' की शुरुआत की।

आज का उनका 'गौ प्रतिष्ठा ध्वज स्थापना, धर्म युद्ध शंखनाद सभा' विषयक कार्यक्रम स्थानीय अधिकारियों की अनुमति से 26 शर्तों के साथ आयोजित किया गया था। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इन शर्तों को 'अव्यावहारिक' बताया था।

अपने संबोधन के दौरान अविमुक्तेश्वरानंद ने उपस्थित लोगों से उनकी राजनीतिक संबद्धता के बारे में पूछा और कहा कि मीडिया में खबर है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे विपक्षी दलों के समर्थक उनके अभियान का समर्थन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, लेकिन जब हमने यहां लोगों से पूछा, तो उनमें से ज्यादातर ने कहा कि वे भाजपा का समर्थन करते हैं। इससे पता चलता है कि समर्थन कितनी तेजी से बदल रहा है और लोग कितनी तेजी से दूर जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, यह एक धार्मिक बैठक है। जब कोई राजनीतिक बैठक होती है, तो वहां राजनीति पर चर्चा की जा सकती है। यहां हम धर्म के बारे में बात करेंगे। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रस्थान करने से पहले अपने नाम और फोन नंबर छोड़ने का आग्रह किया और कहा, उपस्थित लोगों को अभियान के 'संस्थापक सदस्यों' में गिना जाएगा।

गोरक्षा प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नौ साल बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल में गाय कल्याण के लिए अपना 'सबसे बड़ा बजट' आवंटित किया है, जो मौजूदा अभियान के दबाव किया गया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यह भी घोषणा की कि 23 जुलाई को 81 दिवसीय यात्रा के समापन के बाद 24 जुलाई को कांशीराम स्मृति उपवन में एक बड़ी सभा आयोजित की जाएगी।

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