

अयोध्या : श्रीराम जन्मभूमि परिसर की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया जा रहा है। मंदिर परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं का संचालन कर रही कई समितियों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत कई अहम जिम्मेदारियां नए लोगों को सौंपी जाएंगी।
सूत्रों के मुताबिक, धार्मिक कार्यक्रमों के संचालन, साफ-सफाई, पार्किंग, लॉकर व्यवस्था, प्रवेश-निकास, प्रसाद वितरण और श्रद्धालुओं से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा रहा है। कई लोगों की जिम्मेदारियां बदली जाएंगी और उनकी जगह नए सदस्यों को मौका दिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि हाल के घटनाक्रम के बाद मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की गई। उसी समीक्षा के आधार पर समितियों का पुनर्गठन किया जा रहा है, ताकि मंदिर की व्यवस्थाएं अधिक सुव्यवस्थित हों और हर जिम्मेदारी की स्पष्ट जवाबदेही तय की जा सके।
सूत्रों के अनुसार, कंट्रोल रूम से सूचना के बेहतर आदान-प्रदान के लिए नई टीम बनाई गई है। इस टीम का प्रभारी गोपाल राव के करीबी सोमेश को बनाया गया है। उनके साथ सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी के.के. तिवारी को भी जिम्मेदारी दी गई है।
22 जुलाई को होने वाली बैठक में समितियों के संचालन के लिए नई गाइडलाइन को अंतिम रूप दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि नई टीमों के गठन में कार्यकुशलता, अनुभव और अनुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी और समय-समय पर समीक्षा की नई व्यवस्था भी लागू की जाएगी।