वायुसेना ने रचा कीर्तिमान, गंगा एक्सप्रेसवे पर लड़ाकू विमानों के साथ किया रात्रि अभ्यास

रात में गंगा एक्सप्रेसवे पर लड़ाकू विमानों की लैंडिंग, देश में पहली बार हुआ ऐसा
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शाहजहांपुर : भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने शाहजहांपुर जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर बनी देश की पहली हवाई पट्टी पर रात में लड़ाकू विमानों के साथ सफलतापूर्वक अभ्यास किया। शुक्रवार को शाम सात से 10 बजे के बीच हुए इस अभ्यास में राफेल, सुखोई, जगुआर और मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने जलालाबाद पुलिस थाना क्षेत्र में पीरू गांव के पास 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी पर अभ्यास किया।

पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया, रात्रिकालीन अभ्यास के तहत कई लड़ाकू विमानों ने सफल उड़ानें भरीं। इस अभ्यास में राफेल, सुखोई, जगुआर, मिराज-2000 और एम-32 जैसे विमान सटीक तरीके से उतरे और समन्वित उड़ान भरी।

निगरानी और सुरक्षा के लिए हवाई पट्टी पर और उसके आसपास 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। उन्होंने कहा, इससे सुरक्षित संचालन और किसी भी अप्रिय घटना के मामले में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित होती है। इस दौरान एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले बरेली-इटावा मार्ग पर लगभग तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा।

पुलिस अधीक्षक ने कहा, दिन में तेज हवाओं और प्रतिकूल मौसम के बावजूद, अभ्यास सफलतापूर्वक पूरा हुआ, और रात के ऑपरेशन ज्यादा सुचारू और ज्यादा कुशल साबित हुए। यह अभ्यास दो दिन के लिए निर्धारित था, लेकिन भारतीय वायु सेना के अधिकारियों ने एक रात में ही पूरा अभ्यास पूरा कर लिया।

अपर जिला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार ने बताया, हवाई पट्टी पर बनाया गया वीआईपी कैंप से पहले ही लड़ाकू विमानों ने हवाई पट्टी को छूते हुए उड़ान भरी। इस दौरान पंचायत विभाग के लगभग 40 किलोमीटर क्षेत्र में लगभग एक हजार सफाईकर्मी तथा अन्य कर्मचारियों को सड़क पर तैनात किया गया था जो सड़क पर आने वाले पशुओं को रोक रहे थे।

उन्होंने बताया कि इस दौरान ग्रामीणों में भी खासा उत्साह था और वह हवाई पट्टी से दूर खेतों से अपने देश के लड़ाकू विमान के अभ्यास का प्रदर्शन देख रहे थे। कुमार ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि गंगा एक्सप्रेसवे पर हवाई पट्टी अब दिन और रात दोनों समय लड़ाकू विमानों को उतारने और संचालन में सक्षम है। हाल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया था।

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