

शाहजहांपुर : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत किये जा रहे स्कूलों के सर्वे का ‘ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लाइज फेडरेशन’ (AINEF) ने कड़ा विरोध करते हुए कहा कि पूरे देश में इस अभियान से विद्यालयों में भय का वातावरण पैदा होगा।
फेडरेशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता अंकुर त्रिपाठी ने कहा कि शाहजहांपुर में ऑनलाइन बैठक में पूरे देश के 100 से ज्यादा पदाधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा 10 सवालों के आधार पर विद्यालयों में किये जा सर्वे का कड़ा विरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि बैठक में कहा गया कि सरकारी विद्यालय में किसी राजनीतिक दल तथा संगठन एवं उनके प्रतिनिधियों द्वारा अपने स्तर पर जाकर निरीक्षण, ऑडिट करने एवं विद्यालयों को सूचनाओं को संकलन करने से गंभीर वैधानिक एवं प्रशासनिक प्रश्न खड़े होते हैं।
त्रिपाठी ने बताया कि फेडरेशन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भी इस आशय का एक पत्र भेजा है जिसमें कॉकरोच पार्टी द्वारा की गई घोषणा की जांच करने एवं स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने की मांग की गई है।
उन्होंने बताया कि ‘ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लाइज फेडरेशन’ में शिक्षा विभाग तथा प्रशासनिक विभागों से जुड़े 65 संगठन शामिल हैं।
त्रिपाठी ने कहा कि सरकारी विद्यालय बच्चों की शिक्षा एवं सुरक्षा के केंद्र हैं, यदि बाहरी राजनीतिक समूह बिना प्रशासनिक अनुमति अथवा बिना सक्षम अधिकारी के प्रवेश अथवा आडिट करने लगेंगे तो संबंधित व्यक्तियों के बीच तनाव एवं टकराव की स्थिति पैदा होगी तथा भय का वातावरण बनेगा।
उन्होंने कहा कि बैठक में सरकारी स्कूलों की नाबालिग विद्यार्थियों के फोटो वीडियो तथा उनकी व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया।
त्रिपाठी ने बताया कि फोडरेशन की मांग है कि अगर कोई संगठन विद्यालय में जाकर बिना सक्षम अधिकारी के आडिट या सर्वे करेगा तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा, चाहे टकराव की स्थिति क्यों न पैदा हो।
उन्होंने कहा कि हर विद्यालय में विद्यालय प्रबंध समिति बनी है वही जांच आदि कर सकती है और अभिभावकों को अगर कोई समस्या है तो वह प्रबंध समिति में अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे न कि आडिट या सर्वे करेंगे।
त्रिपाठी ने कहा कि राजस्थान, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता कई विद्यालयों में जाकर ऑडिट और सर्वे का काम कर चुके हैं जो उचित नहीं है।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए 15 अगस्त 2026 से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत स्कूलों का सोशल ऑडिट (सामाजिक सर्वे) शुरू किया है। इस मुहिम के तहत माता-पिता और नागरिकों को स्कूलों में जाकर बुनियादी सुविधाओं की जांच करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।