सजा-ए-मौत के बाद रविता-अमरदीप की बेचैन रात

जेल में अलग बैरकों में भेजे गए रविता और अमरदीप, सुरक्षा कड़ी
मेरठ में अमित कश्यप हत्याकांड में फांसी की सजा
मेरठ में अमित कश्यप हत्याकांड में फांसी की सजा
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मेरठ : मेरठ में अमित कश्यप हत्याकांड में फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद रविता और अमरदीप की पहली रात बेचैनी में गुजरी। जेल प्रशासन ने दोनों को अलग-अलग नयी बैरकों में भेजकर सुरक्षा बढ़ा दी है।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को अमित कश्यप हत्याकांड में फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद से रविता और अमरदीप बेचैन रहे। उन्होंने बताया कि रविता का चिकित्सक ने परीक्षण किया और दवा दी, जिसके बाद अब उसकी हालत ठीक है।

उन्होंने कहा कि रविता और अमरदीप के अलावा जेल में बंद मुस्कान और साहिल की तबीयत भी ठीक है, तथा चारों की ‘काउंसलिंग’ कराई गई है। मुस्कान और साहिल को ‘नीला ड्रम’ कांड के रूप में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड मामले में स्थानीय अदालत ने गत 14 अक्टूबर को फांसी की सजा सुनाई थी।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक के मुताबिक, रविता को कैदी संख्या 399/2026 और अमरदीप को 400/2026 आवंटित की गई है। मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद अब तक दोनों से मिलने कोई नहीं आया है।

शर्मा ने बताया कि रविता को बैरक संख्या 12ए और अमरदीप को बैरक संख्या 1ए में स्थानांतरित किया गया है। अमरदीप को सौरभ राजपूत हत्याकांड में फांसी की सजा पाए साहिल शुक्ला की बैरक में ही रखा गया है।

उन्होंने कहा कि रविता और अमरदीप को सजायाफ्ता कैदियों की वर्दी में नयी बैरकों तक पहुंचाया गया और उनकी निगरानी के लिए बैरकों के बाहर अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया गया है।

जेल अधिकारियों के अनुसार, रविता पहले से बैग बनाने का काम कर रही थी और आगे भी उसे यही जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है। अमरदीप सात अक्टूबर को दोषसिद्ध होने के बाद जेल पहुंचा था और उसे भी जेल के नियमों के तहत काम सौंपा जाएगा।

जेल प्रशासन ने कहा कि दोनों की सुरक्षा और दिनचर्या से जुड़ी व्यवस्थाएं निर्धारित नियमों के तहत संचालित की जाएंगी।

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