मृत वृद्धा के कान से सोने के झुमके चोरी, बाला छीनने की कोशिश में नोची खाल !

सागर दत्त मेडिकल कॉलेज में शर्मनाक करतूत का आरोप
Gold earrings stolen from the ears of a deceased elderly woman; her skin was torn while the thieves tried to snatch the earrings!
सांकेतिक फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कमरहट्टी : पश्चिम बंगाल के अस्पतालों में शवों के साथ छेड़छाड़ और चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बारासात मेडिकल कॉलेज में शव से आँखें चोरी होने के आरोपों के बाद अब सागर दत्त मेडिकल कॉलेज अस्पताल से एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ अस्पताल कर्मियों पर एक मृत वृद्धा के कान से सोने के झुमके (ईयररिंग्स) चोरी करने और उनके हाथों से सोने के कंगन (बाला) जबरन निकालने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना को लेकर अस्पताल परिसर में भारी हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?

मृतक की पहचान 65 वर्षीय शोभा बसाक के रूप में हुई है, जो सोदपुर गौरांगननगर की निवासी थीं और बीएसएनएल (BSNL) से सेवानिवृत्त कर्मचारी थीं। उनके पति मनोरंजन बसाक का पहले ही निधन हो चुका है। हृदय संबंधी बीमारी के कारण उन्हें 16 जनवरी को सागर दत्त मेडिकल कॉलेज के सीसीयू (CCU) विभाग में भर्ती कराया गया था। अगले दिन दोपहर करीब 12:30 बजे शोभा देवी का निधन हो गया।

पैकिंग के नाम पर 'लूट' का खेल

मृतका के नाती प्रणब दास ने बताया कि जब दोपहर में उन्होंने सीसीयू में अपनी नानी का शव देखा था, तब उनके कानों में सोने के झुमके और दोनों हाथों में सोने के कंगन मौजूद थे। अस्पताल ने शव को चार घंटे के 'ऑब्जर्वेशन' के बाद शाम 5 बजे सौंपने की बात कही।

जब शाम को शव परिजनों को दिया गया, तो वह पूरी तरह से पैक था। कागजी कार्रवाई के दौरान परिजनों को बताया गया कि शव के हाथ में केवल दो कंगन हैं। संदेह होने पर जब परिजनों ने शव की जांच की, तो उनके होश उड़ गए। मृतका के कानों से सोने के दोनों झुमके गायब थे। एक हाथ का कंगन निकालकर कमर की डोरी (घुनसी) से बांध दिया गया था, जबकि दूसरे हाथ का कंगन निकालने की नाकाम कोशिश की गई थी।परिजनों का आरोप है कि कंगन निकालने के लिए अस्पताल कर्मियों ने इतनी क्रूरता दिखाई कि मृतका के हाथ की खाल तक छिल गई। चूंकि हाथ में सूजन थी, इसलिए आरोपी दूसरा कंगन नहीं निकाल सके। परिजनों का मानना है कि अगर वे दूसरा कंगन निकालने में सफल हो जाते, तो शायद वह भी चोरी हो जाता।

अस्पताल प्रशासन का उदासीन रवैया

इस मामले पर जब अस्पताल के अधीक्षक सुजय मिस्त्री से सवाल किया गया, तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा, "भर्ती के समय ही मरीजों को कीमती सामान साथ न रखने की सलाह दी जाती है। अगर कुछ खो जाता है, तो हम क्या कर सकते हैं? हालांकि, मुझे इस विशेष घटना की जानकारी नहीं है।"

इस असंवेदनशील बयान के बाद पीड़ित परिवार ने कमरहट्टी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इसी अस्पताल के एक कर्मी को पोस्टमार्टम के लिए 50 हजार रुपये मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की भूमिका की जांच कर रही है।

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