

स्कूलों में अनुशासन बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग का कड़ा कदम
गैरहाजिर रहने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं
मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य के स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने बिना अनुमति या लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और कार्य संस्कृति को मजबूत करने के उद्देश्य से विकास भवन द्वारा सोमवार को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई। इसके तहत राज्य के सभी जिला शिक्षा निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे बिना अनुमति के स्कूल से गायब रहने वाले शिक्षकों पर तुरंत कानूनी और विभागीय कार्रवाई करें। यदि कोई शिक्षक बिना पूर्व अनुमति के गैरहाजिर रहता है और उसके पास कोई वैध कारण है, तो नियमों के तहत विचार किया जा सकता है, लेकिन जानबूझकर की गई अनुपस्थिति पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। एजुकेशन कमिश्नर ने सभी जिला प्राइमरी एजुकेशन इंस्पेक्टरों को इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा है।
विकास भवन ने मांगी गैरहाजिर शिक्षकों की रिपोर्ट
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में बिना अनुमति गैरहाजिरी या लंबित छुट्टियों के मामलों की पूरी सूची तैयार करें और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई की एक विस्तृत रिपोर्ट अगले 30 दिनों के भीतर विकास भवन स्थित स्कूल एजुकेशन कमिश्नर के कार्यालय में जमा कराएं। इस सख्त कदम का स्वागत करते हुए बंगीय टीचर्स एंड एजुकेशन वर्कर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी स्वपन मंडल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2011 के बाद से कुछ प्राइमरी टीचर वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन की आड़ में आंदोलन के नाम पर लगातार स्कूलों से गायब रहते हैं और शिक्षण पेशे को नजरअंदाज कर बीमा व्यापार को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षक स्कूल नहीं आने को अपना अधिकार समझते हैं। सरकार को उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।