कैश कांड में जस्टिस यशवंत वर्मा दोषी, जांच कमिटी की रिपोर्ट लोकभा में पेश

कैश कांड
जस्टिस यशवंत वर्मा दोषीफाइल फोटो
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नई दिल्ली : बुधवार को लोकसभा में दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास से बरामद नकदी की जांच करने वाली कमेटी की रिपोर्ट पेश कर दी गई। संसद की इस जांच कमेटी ने जस्टिस वर्मा पर लगाए गए तीनों ही आरोपों को सही ठहराया है। इसके साथ ही, कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया है कि उनके घर से मिले कैश के संबंध में जस्टिस वर्मा की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं थे।

मामला क्या था ?

जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर पिछले साल 14 मार्च की रात को भारी मात्रा में कैश मिला था। उस समय जस्टिस वर्मा घर पर नहीं थे और उनके घर पर आग लग गई थी। आग बुझाने आई फायर ब्रिगेड की टीम को उनके घर से 500-500 रुपये के नोटों से भरे बोरे मिले थे। इसके बाद जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर इलाहाबाद हाई कोर्ट में कर दिया गया था। जस्टिस वर्मा के घर पर मिले कैश की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यों की कमेटी बनाई थी। 200 से ज्यादा सांसदों ने भी जस्टिस वर्मा को पद से हटाने के लिए महाभियोग लाने की मांग की थी। इसी बीच अप्रैल 2026 में जस्टिस वर्मा ने इस्तीफा दे दिया, लेकिन उनका इस्तीफा अभी तक मंजूर नहीं हुआ है।

जस्टिस वर्मा पर तीनों आरोप सही

बुधवार को लोकसभा में पेश हुई जांच कमेटी की रिपोर्ट ने जस्टिस वर्मा के ऊपर लगे तीनों आरोपों को सही माना है।

कमेटी के मुताबिक, जस्टिस वर्मा नकदी की मौजूदगी, स्रोत और स्वामित्व को लेकर संतोषजनक सफाई नहीं दे सके। कमेटी ने इस आरोप को सही माना। कमेटी ने पाया कि मामले से जुड़े सबूतों को उचित तरीके से सुरक्षित और संरक्षित नहीं रखा गया। कानूनी सीलिंग और निरीक्षण से पहले स्टोररूम की स्थिति में बदलाव किए जाने की बात सामने आई है। बाद में कुछ करेंसी नोटों के गायब या अनुपलब्ध होने का भी स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं मिला। कमेटी ने इसे सबूतों के संरक्षण में गंभीर लापरवाही और विफलता माना। हालांकि, इससे ये साबित नहीं होता की जज ने खुद से नोट को हटाया।

कमेटी ने जज की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण, खासकर 22 मार्च 2025 के जवाब, को संतोषजनक नहीं माना। कमेटी के अनुसार, उनका रुख टालमटोल वाला रहा और वह संस्थागत जिम्मेदारी और अपेक्षित स्पष्टता के अनुरूप नहीं था। स्वतंत्र आधिकारिक गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह आरोप भी सिद्ध पाया गया।

अब आगे क्या होगा ?

जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट के साथ कार्यवाही का रिकॉर्ड, संबंधित दस्तावेज और सबूत सौंप दिए हैं। अब रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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