कागजों में बना जल प्रोजेक्ट, जमीन पर नहीं आया पानी!

ग्रामीणों का दावा- टेंडर के बाद भी नहीं हुआ काम, ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग
कागजों में बना जल प्रोजेक्ट, जमीन पर नहीं आया पानी!
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कालचीनी : गांव में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए करीब 2.11 लाख रुपये की लागत से पेयजल परियोजना स्थापित करने का टेंडर हुआ, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि टेंडर के बावजूद जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। मामले को लेकर ग्रामीणों ने रविवार को कालचीनी थाने में शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने परियोजना में कथित अनियमितता का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।

मामला अलीपुरदुआर जिले के कालचीनी ब्लॉक अंतर्गत गारोपाड़ा ग्राम पंचायत के 11/190 पार्ट इलाके का बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछली सरकार के कार्यकाल में इलाके में पेयजल परियोजना स्थापित करने के लिए गारोपाड़ा ग्राम पंचायत की ओर से 2 लाख 11 हजार 238 रुपये का टेंडर जारी किया गया था। ग्रामीणों का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी परियोजना का काम शुरू नहीं हुआ। इसके चलते आज भी लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी ग्राम पंचायत सहित विभिन्न प्रशासनिक विभागों में शिकायत की गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब पुलिस से मामले की जांच कर जिम्मेदार एजेंसी या ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

स्थानीय पंचायत सदस्य हीरा उरांव ने आरोप लगाया कि इलाके में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है। उनके अनुसार, टेंडर होने के बावजूद काम नहीं किया गया। ग्रामीणों की ओर से लगातार शिकायतें मिलने के बाद उन्होंने भी मामले को लेकर शिकायत की थी। उन्होंने प्रशासन से जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की।

भाजपा मंडल अध्यक्ष उत्तम लामा ने भी मामले में कथित अनियमितता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में चाय श्रमिक और श्रमिक परिवार रहते हैं, जिनके लिए पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी दूसरे इलाके में काम किया गया है, तो जिस स्थान के लिए टेंडर जारी हुआ था, वहां काम किए बिना बिल कैसे जारी हुआ। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

कालचीनी : गांव में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए करीब 2.11 लाख रुपये की लागत से पेयजल परियोजना स्थापित करने का टेंडर हुआ, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि टेंडर के बावजूद जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। मामले को लेकर ग्रामीणों ने रविवार को कालचीनी थाने में शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने परियोजना में कथित अनियमितता का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।

मामला अलीपुरदुआर जिले के कालचीनी ब्लॉक अंतर्गत गारोपाड़ा ग्राम पंचायत के 11/190 पार्ट इलाके का बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछली सरकार के कार्यकाल में इलाके में पेयजल परियोजना स्थापित करने के लिए गारोपाड़ा ग्राम पंचायत की ओर से 2 लाख 11 हजार 238 रुपये का टेंडर जारी किया गया था। ग्रामीणों का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी परियोजना का काम शुरू नहीं हुआ। इसके चलते आज भी लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी ग्राम पंचायत सहित विभिन्न प्रशासनिक विभागों में शिकायत की गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब पुलिस से मामले की जांच कर जिम्मेदार एजेंसी या ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

स्थानीय पंचायत सदस्य हीरा उरांव ने आरोप लगाया कि इलाके में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है। उनके अनुसार, टेंडर होने के बावजूद काम नहीं किया गया। ग्रामीणों की ओर से लगातार शिकायतें मिलने के बाद उन्होंने भी मामले को लेकर शिकायत की थी। उन्होंने प्रशासन से जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की।

भाजपा मंडल अध्यक्ष उत्तम लामा ने भी मामले में कथित अनियमितता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में चाय श्रमिक और श्रमिक परिवार रहते हैं, जिनके लिए पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी दूसरे इलाके में काम किया गया है, तो जिस स्थान के लिए टेंडर जारी हुआ था, वहां काम किए बिना बिल कैसे जारी हुआ। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

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