असम की छात्रा की मौत की जांच के लिए एसआईटी गठित

असम की छात्रा की मौत की जांच के लिए एसआईटी गठित

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रेलवे लाइन के पास से मिला था छात्रा का शव

वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के साथ रेलवे स्टेशन और ट्रेन में छात्रा के साथ हुई घटनाओं की कड़ियां जोड़ने का किया जा रहा प्रयास

अमरावती-असम :

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में असम की छात्रा हिमश्री बोरो की मौत के मामले की जांच के लिए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। सात अक्टूबर को रेलवे लाइन के पास छात्रा का शव मिलने के बाद पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच के तहत घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के साथ रेलवे स्टेशन और ट्रेन में छात्रा के साथ हुई घटनाओं की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। शुक्रवार देर रात जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, श्रीकाकुलम के पुलिस अधीक्षक ने एसआईटी के सदस्यों के साथ घटनास्थल का दौरा कर जांच की। विधि-विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम, सुराग तलाशने वाली टीम, श्वान दस्ता और ड्रोन दल ने भी घटनास्थल तथा आसपास के इलाकों का निरीक्षण किया। हिमश्री का शव पेनूबार्थी गांव के पास विजयनगरम और श्रीकाकुलम रोड रेलवे स्टेशनों के बीच रेलवे लाइन के निकट बरामद हुआ था। पुलिस ने बताया कि चिकित्सकों के दल ने शव का पोस्टमार्टम किया है। फिलहाल मौत की परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

10 सदस्यीय दल के साथ आंध्र प्रदेश पहुंची थीं

गुवाहाटी में बीबीए की पढ़ाई कर रहीं हिमश्री बोरो 16 अगस्त को 10 सदस्यीय दल के साथ विशाखापत्तनम पहुंची थीं। दल में दो पुरुष और आठ महिलाएं शामिल थीं। सभी पेंडुर्ती इलाके में ठहरे हुए थे। बाद में दल के पांच सदस्य असम लौट गए, जबकि पांच अन्य वहीं रुक गए थे। पुलिस की विज्ञप्ति के मुताबिक, छह अक्टूबर को हिमश्री ने असम लौटने की कोशिश की, लेकिन उनकी ट्रेन छूट गई। इसके बाद वह रेलवे स्टेशन पर ही रुक गईं। रात करीब 11 बजकर 50 मिनट पर वह विवेक एक्सप्रेस में सवार हुईं।

टिकट के लिए सहेली से मांगी थी मदद

विज्ञप्ति के अनुसार, यात्रा के लिए टिकट की व्यवस्था में मदद लेने के उद्देश्य से हिमश्री ने अपनी कॉलेज की सहेली ज्योति चौधरी से संपर्क किया। चौधरी ने इस बारे में रघू इंजीनियरिंग कॉलेज में अपने सहपाठी ईश्वर को बताया। दूरी अधिक होने के कारण ईश्वर ने अपने मित्र अविनाश से हिमश्री की मदद करने का अनुरोध किया। इसके बाद अविनाश विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पहुंचे और उनके लिए सामान्य श्रेणी का टिकट खरीदा। विवेक एक्सप्रेस रात करीब डेढ़ बजे स्टेशन पहुंची। विज्ञप्ति में कहा गया है कि हिमश्री ने वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के शयनयान में जगह देने का अनुरोध किया था, लेकिन टिकट निरीक्षक ने इसे स्वीकार नहीं किया। वहीं, वातानुकूलित डिब्बों के दो परिचारकों पर चार हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है। पुलिस मामले के इस पहलू की भी जांच कर रही है।

फोन पर दुर्व्यवहार की शिकायत के बाद कटा संपर्क

पुलिस के अनुसार, सात अक्टूबर को तड़के दो बजकर 39 मिनट पर हिमश्री जल्दबाजी में भीड़भाड़ वाली ट्रेन के एक डिब्बे में अकेले चढ़ गईं। उस समय उनके साथ कोई पुरुष साथी नहीं था। इसके बाद उन्होंने अपनी सहेली ज्योति चौधरी को फोन किया और शिकायत की कि कुछ लड़के उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। कुछ देर बाद फोन कट गया। चौधरी ने तत्काल अपने सहपाठी अनूप तिवारी को इसकी जानकारी दी। इसके बाद तिवारी ने रेलवे की हेल्पलाइन 139 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर रेलवे पुलिस ने छात्रा का पता लगाने के लिए कार्रवाई शुरू की।

ट्रेन में तलाशी के दौरान मिला सामान

विज्ञप्ति के मुताबिक, तड़के तीन बजकर 56 मिनट पर ट्रेन श्रीकाकुलम रोड स्टेशन पहुंची। वहां रेलवे की सहायक उपनिरीक्षक वी. अरुणा और अन्य कर्मचारियों ने डिब्बों के आगे और पीछे के हिस्सों में तलाशी ली, लेकिन हिमश्री का पता नहीं चला। इसके बाद रेलवे पुलिस ने आगे की तलाश के लिए पलासा रेलवे स्टेशन को सूचित करने के वास्ते संदेश जारी किया। बाद में ट्रेन की तलाशी के दौरान एस-2 बोगी से हिमश्री का सामान बरामद किया गया। विज्ञप्ति में एक सहयात्री के हवाले से दावा किया गया है कि हिमश्री चलती ट्रेन से गिर गई थीं। हालांकि, छात्रा के साथ वास्तव में क्या हुआ और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। एसआईटी अब घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, रेलवे पुलिस की कार्रवाई, सहयात्रियों के बयानों और दर्ज शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
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