

कोलकाता: 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के रेड रोड पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्यपाल आरएन रवि समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए बंगाल में योग को फिर से लोकप्रिय बनाने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा,
“पश्चिम बंगाल में खोए हुए और भुला दिए गए योग को 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री ने हमारे बीच वापस लाया है। उन्हें शत-शत प्रणाम।”
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में बंगाल की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की सराहना की। उन्होंने कहा कि बंगाल की पावन भूमि पर योग दिवस मनाना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “कोलकाता के लोगों ने स्वच्छता और उत्साह के साथ इस दिन का स्वागत किया है। योग की कोई उम्र सीमा नहीं होती।”
उन्होंने कहा कि योग दिवस ने देश में एकता की तस्वीर प्रस्तुत की है। योग केवल एक अभ्यास नहीं बल्कि मानव जीवन की चेतना का प्रतीक है, जिसने देश और दुनिया के लोगों को जोड़ने का काम किया है।
पीएम मोदी ने कहा,
“योग दिवस ने सबको जोड़ दिया है। पूरा देश एक साथ खड़ा दिखाई देता है। 21 जून अब दुनिया के बड़े उत्सवों में शामिल हो गया है।”
प्रधानमंत्री ने योग के स्वास्थ्य लाभों का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योग शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने में मदद करता है और व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए एकाग्रता प्रदान करता है।
पीएम मोदी ने कहा,
“योग उम्र बढ़ने के साथ स्वस्थ रहने में मदद करता है। रोज योगाभ्यास करने से मन शांत रहता है और चिंता को दूर रखने में सहायता मिलती है।”
उन्होंने कहा कि योग जीवन में संतुलन बनाए रखना सिखाता है और यह समझने में मदद करता है कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा,
“योग दुखों को दूर करने का माध्यम है। जब हम अपने शरीर को सही तरीके से चलाना सीख लेते हैं, तब अच्छा स्वास्थ्य हमेशा हमारे साथ रहता है।”
उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हुए व्यक्ति को स्वस्थ जीवन की दिशा दिखाता है।
रेड रोड पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने योगाभ्यास किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का हिस्सा होने के साथ-साथ आज पूरी दुनिया के लिए स्वास्थ्य, शांति और संतुलन का माध्यम बन चुका है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर बंगाल से दिया गया संदेश स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक शांति और वैश्विक एकता की भावना को मजबूत करने वाला रहा।