कमरहट्टी की जूट मिल में 'अस्थायी ' के विरोध में श्रमिकों ने बीटी रोड पर किया प्रदर्शन

Workers protested against the 'temporary' status at the Kamarhati jute mill, blocking BT Road.
मिट गेट पर लगायी गयी नोटिस देखते श्रमिक
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सन्मार्ग संवाददाता

कमरहट्टी/बैरकपुर: नए साल का जश्न अभी पूरी तरह थमा भी नहीं था कि बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मंगलवार सुबह कमरहट्टी स्थित प्रवर्तक जूट मिल के मुख्य द्वार पर प्रबंधन द्वारा 'अस्थायी कार्यस्थगन' (Suspension of Work) का नोटिस लटका दिया। इस अचानक दी गयी नोटिस के कारण मिल में कार्यरत लगभग 1000 श्रमिकों के सामने अपनी रोजी-रोटी की संकट आ गयी। उन्होंने मिल गेट के सामने बीटी रोड (B.T. Road) को अवरुद्ध कर दिया, जिससे यातायात व्यवस्था कुछ देर के लिए लिए प्रभावित हो गयी।

हैरान-परेशान श्रमिक: "हवा में उड़ी नए साल की खुशियां"

श्रमिकों ने अनुसार मंगलवार की सुबह जब श्रमिक हमेशा की तरह अपनी शिफ्ट के लिए मिल पहुंचे, तो वहां का नजारा बदला हुआ था। मिल के गेट पर ताला लटका था और एक नोटिस चिपका था इस दृश्य को देखकर श्रमिकों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें इसकी कोई पूर्व सूचना नहीं थी। एक पीड़ित श्रमिक ने रुआंसे स्वर में कहा, "नए साल में बच्चों के स्कूल की फीस भरनी है, घर का खर्च चलाना है, ऐसे में हम अब कहां जाएंगे?

प्रबंधन का तर्क: कच्चे माल की बढ़ती कीमतें

दूसरी ओर, मिल प्रबंधन ने अपने नोटिस में इस ' अस्थायी कार्यस्थगन' के पीछे बाजार में कच्चे जूट की आसमान छू रही कीमतों को कारण बताया गया है, जिससे मिल का परिचालन अब आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं रह गया है। कच्चे माल की भारी कमी और बढ़ती लागत के कारण उत्पादन जारी रखना संभव नहीं है।

सड़क पर उतरा गुस्सा, पुलिस ने संभाला मोर्चा

मिल खोलने की मांग को लेकर जब श्रमिकों की कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उनका धैर्य जवाब दे गया। बड़ी संख्या में श्रमिकों ने बीटी रोड पर धरना दे दिया और यातायात बाधित कर दिया। व्यस्ततम सड़क होने के कारण कुछ ही देर में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना की सूचना मिलते ही बेलघरिया थाने की भारी पुलिस बल मौके पर पहुंची।

पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी श्रमिकों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उचित मंच पर उठाया जाएगा। काफी देर तक चली इस समझाइश और कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस अवरोध हटाने में सफल रही, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।

भविष्य पर संकट के बादल

बैरकपुर क्षेत्र में एक के बाद एक जूट मिलों का बंद होना चिंता का विषय बनता जा रहा है। स्थानीय ट्रेड यूनियनों ने इस मामले में प्रशासन को हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि मिल खुले। फिलहाल, मिल गेट पर सन्नाटा पसरा हुआ है और 1000 परिवारों का भविष्य अधर में लटका है।

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