

नोएडा : वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर नोएडा में मजदूरों का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। कई जगह आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद पुलिस ने हालात को काबू में किया।
इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मजदूरों के समर्थन में खुलकर सामने आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि यह देश के मजदूरों की “आखिरी पुकार” है और सरकार उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।
राहुल गांधी ने मजदूरों की हालत का जिक्र करते हुए बताया कि एक मजदूर ₹12,000 की तनख्वाह में गुजारा करता है, जबकि किराया ₹4,000 से ₹7,000 तक पहुंच चुका है। उन्होंने महंगाई, गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और वैश्विक हालात को भी जिम्मेदार ठहराया, साथ ही केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त चर्चा के लागू किए गए श्रम कानूनों से काम के घंटे बढ़ाकर 12 घंटे कर दिए गए हैं, लेकिन मजदूरी में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई। राहुल ने कहा कि ₹20,000 वेतन की मांग कोई लालच नहीं, बल्कि मजदूरों का हक है।
वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वेतन ढांचे में संशोधन का ऐलान किया है, जो 1 अप्रैल से लागू होगा।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और श्रम मंत्री अनिल राजभर ने इस पूरे घटनाक्रम में साजिश की आशंका जताई है। सरकार का कहना है कि कुछ बाहरी तत्वों और देश विरोधी ताकतों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
हालांकि, इन दावों के बीच मजदूर अब भी नए वेतन संशोधन से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं और उनकी नाराजगी बरकरार है।