काली पूजा से पहले फूलों की माला बनाने में जुटीं महिलाएं

काली पूजा से पहले फूलों की माला बनाने में जुटीं महिलाएं
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सिलीगुड़ी। काली पूजा में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में राजगंज ब्लॉक के बिन्नागुड़ी ग्राम पंचायत अंतर्गत फरबाड़ी के भेलकीपाड़ा में महिलाएं घर बैठे प्लास्टिक के फूलों की मालाएं बनाने में व्यस्त हैं। त्योहारों के दौरान मालाओं की मांग बढ़ने से इन महिलाओं को अतिरिक्त कमाई की उम्मीद है। घर के कामकाज के साथ यह हुनर उनकी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रहा है।

भेलकीपाड़ा की कई महिलाएं सिलीगुड़ी की एक फूल निर्माण इकाई से कच्चा माल लाती हैं। घर पर मालाएं तैयार करने के बाद उन्हें वापस जमा कर देती हैं। दुर्गा पूजा, काली पूजा और सरस्वती पूजा जैसे त्योहारों के दौरान इस काम की मांग बढ़ जाती है। फिलहाल महिलाएं काली पूजा के लिए जवा फूल की मालाएं बनाने में जुटी हैं।

त्योहारी सीजन में बढ़ती है कमाई

स्थानीय निवासी संजुक्ता बर्मन पिछले करीब चार वर्षों से इस काम से जुड़ी हैं। उनके अनुसार, कमाई मालाओं की संख्या पर निर्भर करती है। त्योहारों के मौसम में उन्हें करीब 3,000 से 5,000 रुपये तक की आमदनी हो जाती है। इससे पूजा के दौरान घर के बढ़े हुए खर्चों को संभालने में मदद मिलती है।

इसी इलाके की मौमिता सिंह बर्मन भी पिछले दो से तीन वर्षों से मालाएं बना रही हैं। वह घर के कामकाज निपटाने के बाद खाली समय में यह काम करती हैं। उनके मुताबिक, सामान्य दिनों में काम और कमाई सीमित रहती है, लेकिन त्योहारों के दौरान मांग बढ़ जाती है। काली पूजा के इस मौसम में उन्हें करीब 2,000 से 3,000 रुपये तक की कमाई होने की उम्मीद है।

स्थानीय स्तर पर करीब 10 से 12 अन्य महिलाएं भी इस काम से जुड़ी हैं। इनके लिए मालाएं बनाना केवल त्योहारों की तैयारी नहीं, बल्कि घर की आमदनी बढ़ाने का एक जरिया भी है। सीमित संसाधनों के बीच घर से ही काम कर ये महिलाएं पूजा के खर्च में परिवार का हाथ बंटा रही हैं।

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