

कोलकाता : दक्षिण 24 परगना जिले में आयोजित शारदीय सृष्टिश्री मेला महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। इस मेले के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सैकड़ों महिलाएं न केवल अपने उत्पादों की बिक्री कर रही हैं, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की ओर भी अग्रसर हैं। अलीपुर स्थित जिला परिषद भवन में आयोजित दस दिवसीय शारदीय सृष्टिश्री मेला का उद्घाटन करते हुए नारी और शिशु विकास विभाग की कर्माध्यक्ष शची नस्कर ने कहा कि यह मेला महिलाओं की क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा, "राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रही हैं। आज राज्य की हजारों महिलाएं 'स्वयं सहायता समूहों' के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।"उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के कारण महिलाएं पहले की तुलना में अधिक सशक्त और जागरूक हुई हैं। इन योजनाओं ने उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक सम्मान भी दिलाया है।
इस अवसर पर जिला ग्रामीण विकास प्रकोष्ठ के अधिकारी बकीबुर रहमान ने कहा कि राज्य सरकार की प्रमुख योजना 'आनंदधारा' के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित और प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जिले की और भी अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़ा जाएगा ताकि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके। कार्यक्रम में जिला परिषद की सभाधिपति नीलिमा मिस्त्री, पीएचई कर्माध्यक्ष शिखा राय, मत्स्य विभाग के कर्माध्यक्ष जयंत भद्र, जिला परिषद सदस्य मुजीबुर रहमान और तापस कुमार सेन सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।मेले में महिलाओं द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प, वस्त्र, खाद्य सामग्री और अन्य उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए हैं, जिन्हें लोगों द्वारा सराहा जा रहा है।