राहुल गांधी ने क्यों कहा, AI ​​समिट PR का तमाशा बना

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ 2026 में एक निजी विश्वविद्यालय द्वारा चीन में निर्मित ‘रोबोटिक कुत्ते’ को प्रदर्शित किए जाने का हवाला देते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि सरकार द्वारा आयोजित यह बड़ा कार्यक्रम सिर्फ पीआर (प्रचार) का तमाशा बन गया है।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ( फाइल फोटो)
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ( फाइल फोटो)
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नई दिल्लीः कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ 2026 में एक निजी विश्वविद्यालय द्वारा चीन में निर्मित ‘रोबोटिक कुत्ते’ को प्रदर्शित किए जाने का हवाला देते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि सरकार द्वारा आयोजित यह बड़ा कार्यक्रम सिर्फ पीआर (प्रचार) का तमाशा बन गया है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "भारत की प्रतिभा और डेटा का उपयोग करने के बजाय, एआई शिखर सम्मेलन अव्यवस्थित तरीके से पीआर का तमाशा बन गया है। भारतीय डेटा बिक्री के लिए उपलब्ध है और चीनी उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।"

कांग्रेस ने पोस्ट किया, "मोदी सरकार ने देश की छवि को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है, उन्होंने एआई को मजाक बनाकर रख दिया है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें हम अपनी डेटा शक्ति को देखते हुए विश्व के अगुवा बन सकते हैं।"

गलगोटिया विश्वविद्यालय ने दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ 2026 में 350 करोड़ रुपये की एआई परियोजनाओं और एक ‘रोबोटिक कुत्ते’ का प्रदर्शन किया। खबरों के अनुसार, ‘ओरायन’ नाम का यह रोबोट चीन निर्मित पाया गया, जिसके कारण विवाद खड़ा हो गया।

सूत्रों का कहना है कि विवाद के बीच गलगोटिया विश्वविद्यालय को अपना स्टॉल तुरंत खाली करने के लिए कह दिया गया है। इसमें प्रदर्शित प्रौद्योगिकी की उत्पत्ति और स्वामित्व पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय से तुरंत प्रदर्शनी स्थल छोड़ने को कहा गया। आलोचकों का कहना था कि यह विश्वविद्यालय का स्वदेशी नवाचार नहीं है बल्कि चीन में बना एक रोबोट है।

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