भारत-EU के बीच FTA सबसे बड़ा व्यापार समझौता क्यों है, आंकड़ों में समझिये

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को ‘सबसे बड़ा समझौता’ कहा जा रहा है। वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, यह विश्व स्तर पर हुए सबसे बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौतों में से एक है।
भारत-EU के बीच FTA सबसे बड़ा व्यापार समझौता क्यों है, आंकड़ों में समझिये
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नई दिल्लीः भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को ‘सबसे बड़ा समझौता’ कहा जा रहा है। वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, यह विश्व स्तर पर हुए सबसे बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौतों में से एक है।

चीन-आसियान व्यापार समझौता भी सबसे बड़े समझौतों में से एक है लेकिन आसियान 10 अलग-अलग देशों (दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों) का एक समूह है। यह यूरोपीय संघ की तरह सीमा शुल्क संघ नहीं है। आसियान के सदस्य ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमा, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम हैं। भारत का भी इस समूह के साथ वस्तुओं का मुक्त व्यापार समझौता है। अधिकारी ने कहा, ‘‘ इसलिए इस लिहाज से यह बहुत बड़ी बात है।’’ समझौते के लिए बातचीत शुक्रवार (23 जनवरी) को संपन्न हुई। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार को इसे मंजूरी दी थी। समझौते का पैमाना निम्नलिखित आंकड़ों में झलकता है:-

समझौते का पैमाना निम्नलिखित आंकड़ों में झलकता है:

इस समझौते का असर करीब 1.9 अरब लोगों पर होगा (जिसमें भारत के 1.4 अरब और यूरोपीय संघ में करीब 50 करोड़ लोग शामिल हैं)।

भारत और यूरोपीय संघ वैश्विक अर्थव्यवस्था का 25 प्रतिशत हिस्सा हैं। वे विश्व की कुल जनसंख्या का 30 प्रतिशत हिस्सा हैं।

यूरोपीय संघ का कुल वस्तु आयात 2024 में 6,900 अरब अमेरिकी डॉलर था। यूरोपीय संघ का सेवा आयात 2,900 अरब अमेरिकी डॉलर था।

भारत का कुल वस्तु आयात 2024 में लगभग 750 अरब अमेरिकी डॉलर था। दोनों मिलकर वैश्विक व्यापार का 11 से 12 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं।

कुल 33,000 अरब अमेरिकी डॉलर के वैश्विक व्यापार में से भारत और यूरोपीय संघ का हिस्सा 11,000 अरब अमेरिकी डॉलर है।

द्विपक्षीय व्यापार, भारत-यूरोपीय संघ संबंधों का आधार स्तंभ है। 2024-25 में कुल व्यापार 190 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा। भारत ने यूरोपीय संघ को 75.85 अरब अमेरिकी डॉलर का सामान तथा सेवा क्षेत्र में 30 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात किया। दूसरी ओर यूरोपीय संघ ने भारत को 60.68 अरब अमेरिकी डॉलर का सामान तथा सेवा क्षेत्र में 23 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात किया।

भारत को 2024-25 में 15.17 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार अधिशेष प्राप्त हुआ।

यूरोपीय संघ भी भारत में एक प्रमुख निवेशक है। अप्रैल 2000 से सितंबर 2024 तक यूरोपीय संघ से भारत में कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 117.4 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। भारत में 6,000 यूरोपीय संघ की कंपनियां मौजूद हैं। सभी देशों से कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में से 16.5 प्रतिशत से अधिक एफडीआई का योगदान रहा।

अप्रैल 2000 से मार्च 2024 तक यूरोपीय संघ को भारत से करीब 40.04 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) हुआ।

आर्थिक आकार एवं नियामक दायरे, दोनों ही दृष्टि से यह व्यापार समझौता भारत का अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता होगा।

चूंकि यूरोपीय संघ एक सीमा शुल्क संघ है, इसलिए यह समझौता भारत को एक ही ढांचे के तहत सभी 27 यूरोपीय संघ देशों में तरजीही पहुंच प्रदान करेगा।

यूरोपीय संघ में फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इटली, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, फिनलैंड, हंगरी, आयरलैंड, नीदरलैंड, पुर्तगाल, पोलैंड, डेनमार्क और स्वीडन शामिल हैं।

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