मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को क्यों हटाना चाहते हैं इतने सांसद?

विपक्षी दलों ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को ‘‘पक्षपात और भेदभाव करने’’ सहित अन्य आरोपों को लेकर पद से हटाने का प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस बुधवार को संसद के दोनों सदनों में सौंप दिए।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ( फाइल फोटो)
सीईसी ज्ञानेश कुमार ( फाइल फोटो)
Published on

नई दिल्लीः विपक्षी दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को ‘‘पक्षपात और भेदभाव करने’’ सहित अन्य आरोपों को लेकर पद से हटाने का प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस बुधवार को संसद के दोनों सदनों में सौंप दिए। सूत्रों ने बताया कि 130 लोकसभा सदस्यों और 63 राज्यसभा सदस्यों ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं।

सूत्रों ने कहा, हस्ताक्षरकर्ताओं में ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी घटक दलों के सदस्य शामिल हैं। आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने भी हस्ताक्षर किए हैं। आम आदमी पार्टी अब औपचारिक रूप से विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं है, हालांकि उसने इस कदम का समर्थन किया है। सूत्रों ने बताया कि कुछ निर्दलीय सांसदों ने भी नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं।

नियमों के मुताबिक, लोकसभा में कम से कम 100 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला नोटिस और राज्यसभा में कम से कम 50 सदस्यों के हस्ताक्षर नोटिस देना होता है।

सीईसी ज्ञानेश कुमार ( फाइल फोटो)
रीजीजू से मिले विपक्षी नेता, क्या रखी मांग?

विपक्षी दलों ने कई मौकों पर सीईसी पर सत्तारूढ़ भाजपा की मदद करने का आरोप लगाया है। विपक्ष मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद को लेकर पिछले कुछ महीनों से उन पर लगातार निशाना साधता रहा है। विपक्ष का आरोप है कि एसआईआर का उद्देश्य भाजपा की मदद करना है।

सीईसी को पद से हटाने का नोटिस संसद के किसी भी सदन में दिया जा सकता है और इसे अवश्य ही विशेष बहुमत से पारित किया जाना चाहिए, जो सदन की कुल सदस्यता का बहुमत और उपस्थित एवं मतदान में हिस्सा लेने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत होना चाहिए।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in