ईरान के नये सर्वोच्च नेता को लेकर किसने किया बड़ा दावा?

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान के नये सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई ‘‘घायल हैं और संभवतः उनका शरीर विकृत हो गया है’’।
 ईरान के नये सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई ( फाइल फोटो )
ईरान के नये सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई ( फाइल फोटो )
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दुबईः अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान के नये सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई  ‘‘घायल हैं और संभवतः उनका शरीर विकृत हो गया है’’।

हेगसेथ का यह बयान ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई के उस बयान के एक दिन बाद शुक्रवार को आया, जिसमें उन्होंने (मुज्तबा खामेनेई ने) एक लिखित बयान जारी करके युद्ध जारी रखने का संकल्प लिया था। अपने पिता की मौत के बाद ईरान के सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी संभालने के उपरांत मुज्तबा खामेनेई का यह पहला बयान था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स रेडियो के ब्रायन किल्मीड शो में बातचीत के दौरान कहा था कि मुझे लगता है कि वह शायद जिंदा हैं। वह घायल हो सकते हैं, लेकिन संभवतः किसी न किसी रूप में जीवित हैं। यह इंटरव्यू गुरुवार को रिकॉर्ड किया गया था और शुक्रवार सुबह प्रसारित होना था।

दरअसल, अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि फरवरी के अंत में तेहरान स्थित एक परिसर पर हुए अमेरिका-इजरायल हमले में मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस हमले में उनके पिता और ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई की मौत हो गई थी।

 ईरान के नये सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई ( फाइल फोटो )
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ब्रिटिश अखबार द सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में 56 वर्षीय मौलवी को गंभीर चोटें आईं और उन्होंने कम से कम एक पैर भी खो दिया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि उनके पेट या लीवर को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। इस हमले में उनकी पत्नी, एक बहन और भतीजी की भी मौत हो गई थी।

इस बीच, ईरान के एक राजनयिक ने भी संकेत दिया कि मोजतबा खामेनेई युद्ध की शुरुआत में हुए हमलों में घायल हुए थे। ईरानी राजदूत ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि खामेनेई के पैर, हाथ और बाजू में चोटें आई हैं और संभवतः उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

हालांकि इन अटकलों के बीच मोजतबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद पहली बार एक सार्वजनिक संदेश जारी किया। अपने संबोधन में उन्होंने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान अपने “शहीदों के खून का बदला लेने से पीछे नहीं हटेगा।”

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