

मुंबईः विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ ‘‘मजबूत स्थिति’’ में अधिक गहनता से जुड़ रहा है। उन्होंने देश के बढ़ते आर्थिक प्रभाव के प्रमाण के रूप में हाल ही में हुए कई व्यापार समझौतों का हवाला दिया।
उन्होंने ‘वैश्विक आर्थिक सहयोग सम्मेलन’ में अपने संबोधन में अमेरिका के साथ महत्वपूर्ण व्यापार समझौते सहित कई बड़े सौदों की सफल चर्चा पर प्रकाश डाला। ‘वैश्विक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम’ का आयोजन ‘भविष्य आर्थिक सहयोग परिषद’ द्वारा विदेश मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से किया जाता है।
वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को शायद हाल के समय में सबसे अस्थिर बताते हुए, मंत्री ने कहा कि दुनिया उत्पादन और वित्त के ‘‘हथियारीकरण’’ के साथ-साथ निर्यात नियंत्रणों को कड़ा करने और अस्थिर बाजार परिवर्तनों की गवाह बन रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘स्थापित वैश्विक व्यवस्था स्पष्ट रूप से बदल रही है, इसके विकल्प तैयार करना मुश्किल है और ऐसा प्रतीत होता है कि हम एक अनिश्चितता के लंबे दौर की ओर बढ़ रहे हैं। यह दौर अव्यवस्थित, जोखिम भरा, अप्रत्याशित और शायद खतरनाक भी होगा।’’ मंत्री ने कहा कि लंबे समय से बरकरार धारणाएं और अपेक्षाएं अब सवालों के घेरे में आ गई हैं।
उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख आयाम एक साथ बदल रहे हैं, भले ही वह रणनीतिक हो, राजनीतिक हो, आर्थिक हो या प्रौद्योगिकी हो। उन्होंने कहा कि जोखिम कम करने और कई क्षेत्रों में विविधता लाने में समाधान निहित हैं तथा यह दृष्टिकोण राष्ट्रों की नीति में तेजी से दिखाई दे रहा है।
जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि ‘‘सुधार एक्सप्रेस’’ लगातार जारी रहेगी। विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘मजबूत स्थिति में भारत अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ अधिक गहनता से जुड़ रहा है। हाल में हुए व्यापार समझौतों में यह बात स्पष्ट रूप से देखी गई।’’