

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान गंभीर खामियां सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, पश्चिम बंगाल ने माइक्रो ऑब्जर्वरों को चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
SIR गतिविधियों के तहत माइक्रो ऑब्जर्वर की भूमिका
राज्य के सभी जिलों में SIR गतिविधियां जारी हैं। आयोग के 19 दिसंबर 2025 के निर्देश के अनुसार माइक्रो ऑब्जर्वरों को मतदाता सूची के डिजिटाइज्ड गणना प्रपत्रों की जांच, जन्म-मृत्यु रजिस्टर से मिलान, दावे-आपत्तियों के दस्तावेजों की जांच और सुनवाई प्रक्रिया के निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
सुनवाई प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं
ECI की टीम द्वारा विभिन्न जिलों के सुनवाई स्थलों का निरीक्षण करने पर पाया गया कि कई माइक्रो ऑब्जर्वर अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन नहीं कर रहे हैं। यहां तक कि सुनवाई के लिए आए मतदाताओं के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का भी समुचित सत्यापन नहीं किया जा रहा है, जो पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
फोटो और दस्तावेज सत्यापन में लापरवाही
निर्देशों के अनुसार सुनवाई के दौरान मतदाता, ERO/AERO और माइक्रो ऑब्जर्वर के साथ संयुक्त ग्रुप फोटो खींचकर अपलोड किया जाना अनिवार्य है। लेकिन कई मामलों में यह प्रक्रिया या तो अधूरी पाई गई या पूरी तरह नजरअंदाज की गई, जिससे रिकॉर्ड की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है।
बंगाल चुनाव से पहले बढ़ी आयोग की चिंता
मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्षता आगामी चुनावों की बुनियाद होती है। ऐसे में माइक्रो ऑब्जर्वरों की लापरवाही को आयोग ने बेहद गंभीर माना है, क्योंकि इसका सीधा असर चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक विश्वास पर पड़ सकता है।
सख्त चेतावनी और कार्रवाई के संकेत
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी संदेश में साफ कहा गया है कि माइक्रो ऑब्जर्वर CEO के अधीन रहते हुए अपने दायित्वों को पूरी गंभीरता से निभाएं। किसी भी तरह की चूक या लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष रिपोर्ट अनिवार्य
आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि माइक्रो ऑब्जर्वर अपने निष्कर्ष समय पर CEO और मतदाता सूची पर्यवेक्षकों को सौंपें, ताकि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाया जा सके और बंगाल में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो।