

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के तहत मतदाता सूची सुधार की प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग ने कई अहम और संवेदनशील फैसले लिए हैं। शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में AERO, ERO, DEO, BLA, BLO और आईटी विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक में BLO ऐप, दस्तावेज जांच, तकनीकी समस्याओं और सुनवाई प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही बुजुर्ग, विकलांग, बीमार, आश्रमवासी, PVTG, यौनकर्मी और चाय बागान श्रमिकों को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
बैठक में BLO ऐप में दस्तावेज लोड और अपलोड करने की प्रक्रिया, सत्यापन के तरीके और तकनीकी दिक्कतों पर चर्चा की गई। आईटी सेल और तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी में निर्णय लिया गया कि ऐप जल्द ही पूरी तरह चालू होगा। सुनवाई के बाद दस्तावेज अपलोड करने की जिम्मेदारी ERO, AERO, BLO और आईटी सेल की होगी।
CEO मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाने की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद तुरंत आदेश जारी कर दिया गया है कि 85 साल से ऊपर के किसी भी व्यक्ति को हियरिंग सेंटर नहीं बुलाया जाएगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले BLO और BLO सुपरवाइजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। शारीरिक रूप से अक्षम, विकलांग और बीमार मतदाताओं की घर जाकर सुनवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
CEO ने कहा कि राज्य में 80 प्रतिशत BLO घर-घर जाकर काम कर रहे हैं, लेकिन जो BLO ऐसा नहीं कर रहे हैं, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 30 लाख वृद्ध, विकलांग और अश्वस्त मतदाताओं के लिए विशेष नोटिस तैयार किया गया है, जिसे BLO को घर-घर जाकर देना होगा। इन मतदाताओं की सुनवाई अंत में होगी।
आश्रम, रेड लाइट एरिया, चाय बागान और PVTG जैसे विशेष मामलों में जिला शासक रिपोर्ट देंगे। दस्तावेज न होने की स्थिति में DEO को व्यक्तिगत दौरा कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर ERO/AERO नाम मतदाता सूची में शामिल करेंगे। कोई भी योग्य मतदाता छूटेगा नहीं—यह चुनाव आयोग का स्पष्ट लक्ष्य है।
दार्जिलिंग, अलीपुरदुआर और जलपाईगुड़ी के पुराने चाय बागानों में 200 साल से काम कर रहे श्रमिकों के लिए टी प्लांटेशन एक्ट के तहत फैमिली चार्ट तैयार किया जाएगा। श्रम विभाग के सत्यापन के बाद ही नाम जोड़े जाएंगे। उत्तर दिनाजपुर के नए चाय बागानों में गहन दस्तावेज जांच के बाद ही नामांकन होगा।
दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप में 85 वर्षीय बीमार और दिव्यांग मतदाताओं के घर जाकर सुनवाई की गई। वहीं, तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग से प्रवासी मतदाताओं के लिए वर्चुअल सुनवाई की मांग की है। आयोग ने इस सुझाव पर विचार का आश्वासन दिया है।