कई उद्योगों के लिए ऐतिहासिक मजदूरी समझौता संपन्न !

कार्यक्रम में श्रम मंत्री अर्जुन सिंह की रही विशेष उपस्थिति
West Bengal Signs Historic Wage Agreement for Sponge Iron & Rolling Mill Workers
समझौते के अवसर पर पश्चिम बंगाल सरकार के श्रम मंत्री अर्जुन सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के औद्योगिक क्षेत्र के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। राज्य के स्पंज आयरन, फेरो अलॉय, इंडक्शन फर्नेस और रोलिंग मिल उद्योगों के श्रमिकों के लिए एक ऐतिहासिक उद्योग-व्यापी मजदूरी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस महत्वपूर्ण समझौते के अवसर पर पश्चिम बंगाल सरकार के श्रम मंत्री अर्जुन सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने इसे राज्य के औद्योगिक विकास में एक बड़ा मील का पत्थर बताया।

1.5 लाख श्रमिकों के वेतन में औसतन 2 हजार रुपये की बढ़ोतरी

इस नए समझौते के तहत संबंधित उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों के मासिक वेतन में औसतन लगभग 2 हजार रुपये की वृद्धि की गई है। सरकार के इस बड़े फैसले से पश्चिम बंगाल के करीब 1.5 लाख श्रमिक सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। यह पहला मौका है जब किसी त्रिपक्षीय समझौते में ईपीएफ (EPF), ईएसआई (ESI), ग्रेच्युटी, फैक्ट्री अधिनियम के अनुपालन और पर्यावरण (प्रदूषण) संबंधी नियमों के कड़े पालन को अनिवार्य प्रावधान के रूप में शामिल किया गया है। इन्हें केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित विभागों के संयुक्त सहयोग से कड़ाई से लागू किया जाएगा।

'कोड ऑन वेजेस' के तहत फ्लोर वेज लागू होते ही दोबारा होगी मजदूरी की समीक्षा

इस समझौते में भविष्य की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है। राज्य में जल्द ही 'कोड ऑन वेजेस' के तहत फ्लोर वेज (न्यूनतम मजदूरी की सीमा) लागू होने वाली है। इसके मद्देनजर समझौते में यह विशेष व्यवस्था जोड़ी गई है कि फ्लोर वेज लागू होते ही उसके साथ सामंजस्य बिठाते हुए मजदूरी की दोबारा समीक्षा की जाएगी। इस कार्यक्रम में श्रम विभाग की सचिव रचना भगत, विशेष श्रम आयुक्त आशीष सरकार, अतिरिक्त श्रम आयुक्त किंशुक सिन्हा सहित श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, फैक्ट्री और प्रदूषण नियंत्रण विभागों के प्रतिनिधि तथा उद्योगों के मालिक व श्रमिक संगठनों के नेता उपस्थित थे।

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