ईस्ट कोस्ट कॉरिडोर से बदलेगा बंगाल का निवेश और व्यापार नक्शा

बजट में किया बड़ा फोकस इंडस्ट्री और लॉजिस्टिक्स को नयी उड़ान

ईस्ट कोस्ट कॉरिडोर से बदलेगा बंगाल का निवेश और व्यापार नक्शा
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पूर्वी भारत का पावरहाउस बनेगा बंगाल

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : केंद्र सरकार के बजट 2026 में पूर्वी भारत को विकास के नये इंजन के तौर पर पेश किया गया है। खासतौर पर पश्चिम बंगाल को इंडस्ट्री, लॉजिस्टिक्स, एक्सपोर्ट, हेल्थ और आईटी सेक्टर में बड़े अवसर मिलने की उम्मीद है। ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, पोर्ट-कनेक्टिविटी, MSME और ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट सुधारों से बंगाल की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही ट्रॉमा केयर इंफ्रास्ट्रक्चर, बौद्ध पर्यटन सर्किट और डेटा सेंटर नीतियों से राज्य निवेश और रोजगार का नया हब बन सकता है। उद्योग जगत इसे बंगाल के लिए गेमचेंजर बजट मान रहा है।

ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर : बंगाल की रणनीतिक भूमिका

प्रस्तावित ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में दुर्गापुर-आसनसोल-हल्दिया बेल्ट को मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे स्टील, सीमेंट, केमिकल, इंजीनियरिंग और MSME सेक्टर में निवेश बढ़ने की संभावना है। कोलकाता और हल्दिया पोर्ट से एक्सपोर्ट लागत घटेगी और बंगाल ईस्टर्न लॉजिस्टिक्स गेटवे के रूप में उभरेगा।

पोर्ट, एक्सपोर्ट और MSME को मिलेगा सीधा बूस्ट

ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट पर 10 लाख रुपये की सीमा हटने से बंगाल के हैंडलूम, जूट, लेदर और आर्टिसन प्रोडक्ट्स को वैश्विक बाजार मिलेगा। कस्टम्स ऑटोमेशन और Trusted Importer सिस्टम से कोलकाता पोर्ट, हल्दिया डॉक और पेट्रापोल बॉर्डर ट्रेड में तेजी आएगी।

जूट, लेदर और टेक्सटाइल इंडस्ट्री को राहत

लेदर और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट के लिए ड्यूटी-फ्री इनपुट और एक्सपोर्ट टाइमलाइन बढ़ाने से कोलकाता और आसपास के लेदर क्लस्टर्स में नये ऑर्डर और कैपेसिटी विस्तार की उम्मीद है।

हेल्थ और ट्रॉमा केयर : रीजनल हब की ओर

जिला अस्पतालों में 50% ट्रॉमा और इमरजेंसी केयर विस्तार से बंगाल-झारखंड-ओडिशा का हेल्थ इकोसिस्टम मजबूत होगा। मेडिकल इक्विपमेंट, फार्मा और हेल्थ स्टार्टअप्स को नये अवसर मिलेंगे।

बौद्ध सर्किट और पर्यटन में बंगाल की भूमिका

पूर्वोत्तर बौद्ध सर्किट योजना में कोलकाता गेटवे सिटी बनेगा। दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और सिलीगुड़ी रूट पर पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे होटल, ट्रैवल और एविएशन सेक्टर को फायदा होगा।

आईटी, डेटा सेंटर और स्टार्टअप्स को बढ़ावा

आईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर लिमिट 2000 करोड़ और डेटा सेंटर सेवाओं पर 2047 तक टैक्स हॉलिडे से न्यू टाउन, सॉल्टलेक और राजारहाट में टेक निवेश बढ़ने की संभावना है।

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