

आयोग ने बढ़ाई वोटर लिस्ट पर कड़ी निगरानी
केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर बढ़ते विवाद और शिकायतों के बीच चुनाव आयोग ने निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखे जाने के बाद उसी दिन आयोग ने राज्य में चार और स्पेशल ऑब्जर्वर नियुक्त करने का ऐलान किया, जिससे आयोग की सक्रियता साफ झलकती है।
SIR निगरानी में आयोग सख्त
चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में चार अतिरिक्त स्पेशल ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं। इससे पहले इस कार्य के लिए सुब्रत गुप्ता को स्पेशल ऑब्जर्वर बनाया गया था। अब उनके साथ चार और वरिष्ठ अधिकारी इस जिम्मेदारी को संभालेंगे, जिससे मॉनिटरिंग को और मजबूत किया जा सके।
चार IAS अधिकारी तैनात
राज्य में जिन चार IAS अधिकारियों को स्पेशल ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है, उनमें शैलेश, रतन विश्वास, संदीप रेवाजी और विकास सिंह शामिल हैं। इनमें से तीन अधिकारी दिल्ली से भेजे गए हैं, जबकि एक अधिकारी फिलहाल त्रिपुरा में कार्यरत हैं। पांच स्पेशल ऑब्जर्वर के अलावा राज्य में 12 SIR ऑब्जर्वर भी विभिन्न जिलों में तैनात हैं।
योग्य वोटर सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी
स्पेशल ऑब्जर्वरों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि कोई भी पात्र मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर न रहे और कोई भी अयोग्य या गैर-कानूनी नाम सूची में शामिल न हो। आयोग के सूत्रों के अनुसार, ये ऑब्जर्वर राज्य के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) कार्यालय से SIR के काम की निगरानी करेंगे और जरूरत पड़ने पर जिलों का दौरा भी करेंगे।
इसके अलावा, राज्य के पांच डिविजनों—प्रेसिडेंसी, मिदनापुर, बर्दवान, मालदा और जलपाईगुड़ी—में SIR की निगरानी के लिए अलग-अलग ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं। इन नियुक्तियों को SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और राजनीतिक आरोपों के बीच भरोसा कायम रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।