

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और फोर्स की तैनाती को लेकर चीफ इलेक्शन ऑफिसर (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल की अगुवाई में शुक्रवार देर रात तक एक इमरजेंसी मीटिंग आयोजित की गई। इस बैठक को राज्य की ओर से फोर्स डिप्लॉयमेंट पर लगभग अंतिम फैसला माना जा रहा है।
शीर्ष अधिकारी रहे मौजूद
इस अहम बैठक में स्टेट पुलिस के नोडल ऑफिसर आनंद कुमार और एडिशनल चीफ इलेक्शन ऑफिसर दिव्येंदु दास भी शामिल हुए। बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा हुई कि चुनाव के दौरान केंद्रीय और राज्य पुलिस बलों को किस तरह और किन इलाकों में तैनात किया जाए।
दिल्ली में फाइनल मीटिंग
इसी मुद्दे पर अगले सप्ताह सोमवार या मंगलवार को दिल्ली स्थित इलेक्शन कमीशन के मुख्यालय में एक और महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इसमें राज्य से मिले सुझावों और रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता में हुई बैठक को राज्य सरकार की ओर से फोर्स तैनाती को लेकर “फाइनल इनपुट” माना जा रहा है।
फेज की संख्या कम होने के संकेत
चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, इस बार पश्चिम बंगाल की मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा आकलन को देखते हुए मतदान चरणों (फेज) की संख्या घटाई जा सकती है। संभावना जताई जा रही है कि 2026 का विधानसभा चुनाव दो या अधिकतम तीन फेज में कराया जा सकता है।
एक्स्ट्रा सेंट्रल फोर्स की तैयारी
सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग इस बार अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती पर खास जोर दे रहा है। संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की मौजूदगी बढ़ाई जा सकती है, ताकि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया जा सके।
चुनाव शेड्यूल जल्द घोषित होने का संकेत
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, 2026 विधानसभा चुनाव का शेड्यूल 14 फरवरी के बाद कभी भी घोषित किया जा सकता है। 14 फरवरी को बंगाल की फाइनल वोटर लिस्ट जारी होगी। इससे साफ है कि आयोग चुनावी प्रक्रिया को लेकर अब अंतिम चरण की तैयारियों में जुट गया है।