......और मेटाडोर पर चढ़कर गए ऑफिस

रैपीडो, ओला-उबर ने वसूला मनमाना किराया
जलजमाव के बीच मेटाडोर में सफर करते ऑफिस जाने वाले यात्री
जलजमाव के बीच मेटाडोर में सफर करते ऑफिस जाने वाले यात्रीMunmun
Published on

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : महानगर में सोमवार रात से हो रही मूसलधार बारिश से आम लोगों का जीवन पूरी तरह से प्रभावित हुआ। तेज बारिश के कारण महानायक उत्तम कुमार और मैदान के बीच मेट्रो सेवा मंगलवार की सुबह ठप रही। मेट्रो स्टेशन पर घंटों इंतजार कर रहे यात्रियों को मजबूरी में वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। इसके साथ ही बस और ऑटो की सेवाएं काफी कम हो गई थीं, जिससे आम लोगों को मेटाडोर से यात्रा करनी पड़ी। पहले जहां बस में ऑफिस जाने का किराया 10 रुपये था, वहीं यात्रियों को मेटाडोर में 50 रुपये चुकाने पड़े।

यात्री मेटाडोर में सफर करने को हुए मजबूर

भारी बारिश और जलजमाव के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। मेट्रो बंद होने से यात्री मेटाडोर में सवारी करने को मजबूर हुए। मेटाडोर ड्राइवर पप्पू यादव ने बताया कि ज्यादतर डॉक्टर, नर्स, स्कूल टीचर सहित कई अन्य यात्री मेटाडोर की भीड़ में सफर करने को मजबूर हुए।

कैब सेवा भी महंगी उपलब्धता भी कम

वहीं दूसरी ओर रैपीडो, ओला और उबर जैसी ऐप आधारित सेवाओं ने मौके का फायदा उठाकर लोगों से मनमाना किराया वसूला। मेट्रो का इंतजार कर रहे ब्रत्यदीप भट्टाचार्य ने बताया कि सामान्य दिनों में जहां महानायक उत्तम कुमार से हाजरा तक रैपीडो का किराया 50 से 60 रुपये के बीच रहता है, वहीं मंगलवार को यह 200 से 250 तक पहुंच गया। इतना ही नहीं, कई रैपीडो वालों ने 200 रुपये देने के बावजूद यात्रियों को ले जाने से इनकार कर दिया। धुलागड़ जा रहे रिजवान ने बताया कि ट्रांसपोर्ट की इतनी समस्या हो गई थी कि रैपिडो, ओला और उबर बुक करने के बाद भी कैब कैंसल कर दिया जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in