मालदा के हिमसागर आम पर मौसम की मार, निर्यात पर मंडराया संकट

बारिश और बढ़ती गर्मी से आमों पर पड़े काले धब्बे, अमेरिका समेत विदेशी बाजारों के ऑर्डर प्रभावित; फिर भी निर्यातकों को बड़ी उम्मीद
मालदा के हिमसागर आम पर मौसम की मार, निर्यात पर मंडराया संकट
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के प्रसिद्ध हिमसागर आम के निर्यात पर इस वर्ष मौसम की मार भारी पड़ती दिख रही है। लगातार बारिश और उसके बाद बढ़े तापमान के कारण आमों पर काले धब्बे उभर आए हैं, जिससे बड़ी मात्रा में फल विदेशी बाजारों के लिए अनुपयुक्त हो गए हैं।

निर्यातकों के अनुसार, काले धब्बे रोग संक्रमण के शुरुआती संकेत हैं और अंतरराष्ट्रीय खरीदार ऐसे फलों को स्वीकार नहीं करते। मालदा के प्रमुख निर्यातक सृष्टि फूड प्रोडक्ट्स के सह-संस्थापक प्रसून चितलांगिया ने बताया कि अमेरिका भेजी जाने वाली सीजन की पहली खेप को रोकना पड़ा है क्योंकि गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरने वाले आमों की उपलब्धता कम हो गई है।

हालांकि, मालदा मैंगो मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उज्ज्ल साहा का कहना है कि स्थिति पूरी तरह चिंताजनक नहीं है। उनके मुताबिक, केवल करीब 15 प्रतिशत बैग किए गए फलों में ही रोग के लक्षण दिखाई दिए हैं, जबकि लाखों अन्य हिमसागर आम अब भी निर्यात योग्य हैं और विदेशी बाजारों में उनकी मांग बनी हुई है।

इस वर्ष मालदा से आम और लीची के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद थी। राज्य बागवानी विभाग और निर्यातक किसानों को बेहतर कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक तुड़ाई और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसके बावजूद रोग की समस्या ने निर्यातकों की चिंता बढ़ा दी है।

फिलहाल निर्यातक प्रभावित न होने वाले बागानों से उच्च गुणवत्ता वाले आमों की पहचान कर विदेशी बाजारों में आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मानना है कि मालदा के प्रीमियम हिमसागर आमों की वैश्विक मांग को देखते हुए निर्यात लक्ष्य का बड़ा हिस्सा अभी भी हासिल किया जा सकता है।

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