स्थानांतरण के बाद समय पर कार्यमुक्ति और शैक्षणिक आधार पर शीघ्र क्रियान्वयन की मांग

स्थानांतरण के बाद समय पर कार्यमुक्ति और शैक्षणिक आधार पर शीघ्र क्रियान्वयन की मांग
Published on

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : लिविंग ऑन द एज के अध्यक्ष अभय कुमार ने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के मुख्य सचिव को एक प्रतिवेदन सौंपकर सरकारी कर्मचारियों से जुड़े लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, विशेष रूप से अंतर-द्वीपीय क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के संदर्भ में। प्रतिवेदन में स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर कार्यमुक्त न किए जाने पर गंभीर चिंता जताई गई है। इसमें कहा गया है कि अंतर-द्वीपीय और दूरदराज क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों को अक्सर तब तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है, जब तक उनके स्थान पर कोई नया कर्मचारी कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेता, जिससे अनावश्यक अनिश्चितता बनी रहती है। ज्ञापन के अनुसार, इस प्रकार की देरी से कर्मचारियों को मानसिक तनाव, पारिवारिक जीवन में बाधा और आश्रितों से लंबा अलगाव झेलना पड़ता है, विशेषकर तब जब निर्धारित कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें पसंदीदा स्थान पर स्थानांतरित किया जाता है। संगठन ने प्रशासन से सभी विभागों को सख्त और एकरूप निर्देश जारी करने का आग्रह किया है, ताकि स्थानांतरित कर्मचारियों को समय पर कार्यमुक्त किया जा सके। पत्र में शैक्षणिक आधार पर स्वीकृत स्थानांतरणों के क्रियान्वयन में हो रही देरी का भी उल्लेख किया गया है, खासकर उन मामलों में जहां कर्मचारियों के बच्चे बारहवीं कक्षा में अध्ययनरत हैं। स्वीकृति मिलने के बावजूद स्थानांतरण कई महीनों तक लंबित रहते हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। लिविंग ऑन द एज ने मांग की है कि ऐसे स्थानांतरण प्रत्येक वर्ष मार्च से पहले लागू किए जाएं, ताकि पारिवारिक स्थिरता बनी रहे और विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी बिना अतिरिक्त दबाव के कर सकें। संगठन ने कर्मचारी कल्याण और सुशासन के हित में प्रशासन से सभी संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश देने की अपील की है।


संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in