

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को तय समय में पूरा कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में सख्ती बढ़ा दी है। शुक्रवार की सुबह ECI के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO), पश्चिम बंगाल ने सभी जिला चुनाव अधिकारियों (DEOs) को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि सभी लंबित नोटिस, सुनवाई और डॉक्यूमेंट अपलोडिंग का काम अगले सात दिनों के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। SIR सुनवाई को लेकर इलेक्शन कमीशन की फुल बेंच ने राज्य के चीफ इलेक्शन ऑफिसर के कार्यालय के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में CEO, DEO, ERO और AERO ने हिस्सा लिया। सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी प्रक्रियाएं तय समयसीमा में पूरी हों।
पेंडिंग नोटिस पर तय समय सीमा
CEO कार्यालय के आदेश के अनुसार, सभी पेंडिंग नोटिस 31 जनवरी 2026 को शाम 5 बजे तक जेनरेट क़ी जानी हैं। जो नोटिस अब तक सर्व नहीं हुई है, उन्हें 1 फरवरी शाम 5 बजे तक अनिवार्य रूप से सर्व करना होगा। इसकी पुष्टि के लिए BLO को सर्विस का प्रूफ सिस्टम में अपलोड करना होगा। निर्देश में कहा गया है कि डॉक्यूमेंट अपलोड सहित सभी तरह की सुनवाई अगले सात दिनों में पूरी करनी होगी। जिन मामलों की सुनवाई पहले ही हो चुकी है, उनकी अटेंडेंस और वोटरों से लिए गए डॉक्यूमेंट्स 2 फरवरी 2026 तक अपलोड करना अनिवार्य होगा।
माइक्रो ऑब्जर्वर की नयी तैनाती
अगले 2 से 3 दिनों में जिलों में तैनात माइक्रो ऑब्जर्वर को सुनवाई केंद्रों से हटाकर रोल ऑब्जर्वर की सहायता के लिए लगाया जाएगा, ताकि वोटर लिस्ट की निगरानी और मजबूत हो सके।
‘सुपर चेकिंग’ की व्यवस्था
आयोग ने साफ किया है कि सिस्टम में अपलोड किए गए सभी डॉक्यूमेंट्स, इनपुट और निपटान का डिजिटल ट्रेल रहेगा। DEOs, रोल ऑब्जर्वर, स्पेशल रोल ऑब्जर्वर और CEO स्तर पर इनकी ‘सुपर चेकिंग’ की जाएगी।
मुर्शिदाबाद और मालदह पिछड़े
आयोग के सूत्रों के अनुसार, मुर्शिदाबाद और मालदह जिलों में SIR सुनवाई की रफ्तार धीमी है। आयोग ने इन जिलों समेत पूरे राज्य को सात दिनों में सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया है। सुनवाई की अंतिम तारीख फिलहाल 7 फरवरी है, जबकि फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को जारी होनी है।