

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में अब पटाखा उद्योग को पर्यावरण अनुकूल दिशा देने की कवायद शुरू हो गयी है। शुक्रवार को नवान्न में मुख्य सचिव मनोज पंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में वेस्ट बंगाल क्रैकर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ विचार विमर्श के बाद राज्य में 6 ग्रीन क्रैकर क्लस्टर बनाने की मंजूरी दी गयी।
सूत्रों के अनुसार पिछले वर्ष मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की निगरानी में इस परियोजना की सिफारिश की गयी थी। इन क्लस्टरों के लिए 40 एकड़ जमीन चिह्नित की गयी है। इस परियोजना पर करीब 70 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन क्लस्टरों की स्थापना सिलीगुड़ी, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर के पांशकुड़ा, हाबरा और हावड़ा के उदयनारायणपुर में की जाएगी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आने वाले दिनों में इन क्लस्टरों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगी। सरकार का कहना है कि ग्रीन क्रैकर क्लस्टर बनने से एक ओर जहां प्रदूषण पर नियंत्रण होगा, वहीं दूसरी ओर पटाखा कारोबार से जुड़े हजारों कारीगरों को आजीविका का नया अवसर मिलेगा। इसके साथ ही, इस वर्ष कालीपूजा से पहले पटाखा मेलों की संख्या भी बढ़ा दी गयी है।
बड़े मेलों की संख्या 38 और छोटे मेलों की संख्या 130 होगी। जिन व्यापारियों के पास वैध लाइसेंस हैं, उन्हें 10 दिनों के भीतर मेले में भाग लेने की अनुमति दे दी जाएगी। इसके अलावा, कोलकाता के ईएम बाईपास क्षेत्र में राज्य का पहला आतिशबाजी हब बनाने की योजना भी तैयार की गयी है, हालांकि फिलहाल इसके लिए जमीन चिह्नित नहीं की गयी है।