25 रेजिडेंशियल स्कूलों में पानी जांच अनिवार्य, सख्त निर्देश

मच्छर और जलजनित बीमारियों को लेकर स्कूलों में अलर्ट
25 रेजिडेंशियल स्कूलों में पानी जांच अनिवार्य, सख्त निर्देश
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मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : मानसून के मौसम में जल जनित बीमारियों और मच्छरों के खतरे को देखते हुए समग्र शिक्षा मिशन, कोलकाता ने एक सख्त कदम उठाया है। पार्क इंस्टीट्यूशन के छात्रों के बीमार पड़ने की घटना को गंभीरता से लेते हुए 14 अगस्त को कोलकाता के 25 नेताजी सुभाष चंद्र रेजिडेंशियल स्कूलों के प्रमुखों और संबंधित अधिकारियों को एक निर्देश जारी किया गया है। इसके तहत स्कूलों में पीने, खाना पकाने और अन्य कार्यों में उपयोग होने वाले सभी स्रोतों से पानी की क्वालिटी की जांच करना अनिवार्य कर दिया गया है। इन सभी जांच रिपोर्टों और सैंपल लेने की तारीखों का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा, जिसकी प्रतियां समग्र शिक्षा मिशन के कोलकाता कार्यालय में जमा करानी होंगी।

साफ-सफाई और निगरानी के कड़े निर्देश

पानी की जांच के अलावा किचन, ओवरहेड टैंक, जलाशयों और वॉटर प्यूरिफिकेशन सिस्टम की नियमित सफाई, रखरखाव और फिल्टर बदलने का रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य किया गया है। डॉरमेट्री, डाइनिंग एरिया और टॉयलेट में साफ-सफाई के साथ-साथ परिसर में पानी या कचरा जमा नहीं होने देने की चेतावनी दी गई है। पीएम पोषण योजना या कम्युनिटी किचन चलाने वाले स्कूलों को भी भोजन में इस्तेमाल होने वाले पानी की जांच करनी होगी। बंगीय शिक्षक व शिक्षा-कर्मी समिति के जनरल सेक्रेटरी स्वपन मंडल ने इस पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। प्रशासन और संबंधित संगठनों को मिलकर इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है।

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