

कोलकाता : न्यू टाउन स्थित सुखोब्रिष्टि आवासीय परिसर के ई-ब्लॉक में पानी संकट और दूषित जल की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। गुरुवार को पानी की आपूर्ति बहाल तो कर दी गई, लेकिन इसे केवल शौचालय और फ्लश के उपयोग तक सीमित रखा गया। पीने, खाना बनाने, नहाने और बर्तन धोने के लिए पानी के उपयोग पर रोक लगा दी गई है। इससे परेशान होकर कई परिवार अस्थायी रूप से अपने घर छोड़कर अन्य स्थानों पर जा रहे हैं। पिछले तीन सप्ताह में कॉम्प्लेक्स के 300 से अधिक निवासी तीव्र डायरिया से पीड़ित हो चुके हैं, जिनमें से कुछ को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि ओवरहेड टैंकों का पानी दूषित होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। समस्या के समाधान की मांग को लेकर निवासियों ने प्रदर्शन भी किया और पुलिस से हस्तक्षेप की अपील की।
New Town Kolkata Development Authority (एनकेडीए), जो न्यू टाउन क्षेत्र का प्रबंधन करता है, ने पानी के नमूनों में कोलिफॉर्म बैक्टीरिया की पुष्टि की है। हालांकि गुरुवार शाम तक संक्रमण के स्रोत का पता नहीं चल सका था। इसी अनिश्चितता के कारण कई परिवारों ने घर छोड़ने का निर्णय लिया। नेहा गुप्ता, जिनके बच्चे बीमार हैं, गुरुवार को अपने ससुराल असम चली गईं। उन्होंने कहा कि जब तक स्वच्छ जल आपूर्ति और समस्या के स्थायी समाधान का भरोसा नहीं मिलता, वे वापस नहीं लौटेंगी। अब्दुल करीम और अंकित राय भी अपने परिवारों के साथ रिश्तेदारों के घर चले गए हैं।
सोमवार को प्रदर्शन के बाद ई-ब्लॉक की जलापूर्ति बंद कर दी गई थी और 141 ओवरहेड टैंकों की सफाई का कार्य शुरू किया गया। गुरुवार तक लगभग आधे टैंक गहन सफाई के बाद तैयार हो पाए थे। अधिकारियों का कहना है कि शेष टैंकों की सफाई में कम से कम तीन दिन और लगेंगे। निवासियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि प्रबंधन की अनुमति मिलने तक पानी का उपयोग केवल शौचालय के लिए करें। पीने और खाना बनाने के लिए उन्हें एनकेडीए और स्थानीय पंचायत कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए पानी के टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई परिवार खनिज जल के जार खरीदकर काम चला रहे हैं।
एनकेडीए अधिकारियों ने बताया कि ई-ब्लॉक के आंतरिक जल भंडारण तंत्र, पाइपलाइन और टैंकों की नियमित सफाई वर्षों से नहीं हुई थी। उनका कहना है कि आवासीय परिसर प्रबंधन को नियमित रखरखाव सुनिश्चित करना चाहिए था। फिलहाल, स्थिति सामान्य होने तक निवासियों की परेशानियां बनी रहने की आशंका है।