लेह में कर्फ्यू जारी, वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद गश्त बढ़ायी गयी

वांगचुक के पाकिस्तान से संबंधों की जांच की जा रही : डीजीपी
लद्दाख प्रशासन ने लेग में हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव लर्निंग को भूमि आवंटन रद्द कर दिया है।
पर्यावरणविद्- शिक्षाविद् सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक
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लेह : लद्दाख के हिंसा प्रभावित लेह शहर में शनिवार को चौथे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने एक दिन पहले राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को हिरासत में लिये जाने के बाद गश्त और जांच तेज कर दी है। इस बीच लद्दाख के पुलिस महानिदेशक एस डी सिंह जामवाल ने कहा कि वांगचुक के विरोध-प्रदर्शनों के वीडियो सीमा पार भेजने वाले एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट की पिछले माह हुई गिरफ्तारी के संदर्भ में पुलिस वांगचुक के पाकिस्तान से कथित संबंधों की जांच कर रही है।

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लेह में कर्फ्यू जारी, हालात काबू में

वांगचुक की हिरासत जरूरी : एलजी

उपराज्यपाल (एलजी) कविंद्र गुप्ता ने शुक्रवार देर रात जारी एक बयान में वांगचुक की हिरासत को उचित ठहराया और कहा कि नेपाल आंदोलन व अरब स्प्रिंग के संदर्भ वाले उनके कथित भड़काऊ भाषणों के परिणामस्वरूप बुधवार को हिंसा हुई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गयी और कई अन्य घायल हो गये। उन्होंने कहा कि शांतिप्रिय शहर लेह में ‘सामान्य स्थिति बहाल करने’ के लिए वांगचुक की हिरासत जरूरी है। वांगचुक को शुक्रवार को हिरासत में लेकर राजस्थान के जोधपुर की एक जेल में भेज दिया गया।

24 घंटे में लद्दाख में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं

एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि पिछले 24 घंटे में लद्दाख में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रतिबंध लगाये गये हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने गश्त और जांच तेज कर दी है। साथ ही फरार दंगाइयों को पकड़ने के लिए छापेमारी भी जारी है। फरार दंगाइयों में एक पार्षद भी शामिल है, जिसने कथित तौर पर हिंसा भड़काई थी। झड़पों के बाद 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया जबकि करगिल सहित केंद्र शासित प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी पांच या उससे ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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लद्दाख के डीजीपी एसडी सिंह

वांगचुक के भाषण लोगों को उकसाने वाले : डीजीपी

इस बीच डीजीपी जमवाल ने वांगचुक को बुधवार को हुई हिंसा का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पुलिस उनके पाकिस्तान से कथित संबंधों की जांच कर रही है। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि जांच (वांगचुक के खिलाफ) में क्या पाया गया है, यह अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। प्रक्रिया जारी है। अगर आप उनका यूट्यूब पर उपलब्ध प्रोफाइल और इतिहास देखें, तो उनके भाषण लोगों को उकसाने वाले प्रतीत होते हैं, क्योंकि उन्होंने अरब क्रांति और नेपाल, बांग्लादेश एवं श्रीलंका में हाल की अशांति का जिक्र किया था। जामवाल ने कहा कि वांगचुक का अपना एक एजेंडा था। उनके खिलाफ विदेशी चंदा और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के उल्लंघन की जांच जारी है।

वांगचुक की गिरफ्तारी से शांति नहीं बहाल होगी : कांग्रेस

दूसरी ओर कांग्रेस की लद्दाख इकाई ने कहा है कि वांगचुक के खिलाफ जितना भी नकारात्मक प्रचार और झूठे आरोप लगाये जायें, स्थानीय लोग उस पर विश्वास नहीं करेंगे और इस बात पर बल दिया कि जलवायु कार्यकर्ता लद्दाख आंदोलन का सबसे प्रमुख और मुखर चेहरा बन चुके हैं। कांग्रेस ने कहा कि अगर सरकार यह मानती है कि वांगचुक की गिरफ्तारी से क्षेत्र में शांति और सद्भाव बहाल करने में मदद मिलेगी, तो वह बड़ी भूल कर रही है। कांग्रेस की लद्दाख इकाई के अध्यक्ष नवांग रिगजिन जोरा ने एक बयान में कहा कि वांगचुक का एक ही दोष था कि उन्होंने लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने के भाजपा के चुनावी वादे के लिए उसे जवाबदेह ठहराया।

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