

नई दिल्ली : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 10 मार्च 2026 को साउथ ब्लॉक में आयोजित एक कार्यक्रम में “रक्षा बलों के लिए विजन 2047: भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना का रोडमैप” जारी किया। इस व्यापक दस्तावेज को एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय ने तैयार किया है। इसका उद्देश्य भारत की सशस्त्र सेनाओं को 2047 तक आधुनिक, एकीकृत और तकनीकी रूप से अत्याधुनिक बल में बदलना है, ताकि विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत सुरक्षा ढांचे के साथ हासिल किया जा सके।
इस दृष्टि-पत्र में बदलते भू-राजनीतिक, तकनीकी और सुरक्षा वातावरण को ध्यान में रखते हुए रक्षा बलों में आवश्यक रणनीतिक सुधार, क्षमता विस्तार और संगठनात्मक बदलावों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। इसमें सेना को अधिक समन्वित, दक्ष और बहुआयामी बल के रूप में विकसित करने की योजना है, जो भविष्य की जटिल चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपट सके।
दस्तावेज में तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल को प्रमुख आधार बताया गया है। योजना, संचालन और क्षमता विकास में संयुक्त दृष्टिकोण को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि भविष्य के युद्ध और सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप रक्षा बलों की तैयारी सुनिश्चित की जा सके।
इसके साथ ही इस रोडमैप में नवाचार, अत्याधुनिक तकनीक और आधुनिक प्रशिक्षण ढांचे को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए स्वदेशी तकनीकों और समाधानों के विकास तथा उनके व्यापक उपयोग पर भी बल दिया गया है। इससे न केवल सैन्य क्षमता मजबूत होगी बल्कि घरेलू रक्षा विनिर्माण और तकनीकी क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा।
दृष्टि-पत्र में अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक लक्ष्यों के साथ एक स्पष्ट कार्ययोजना भी तैयार की गई है। इसके माध्यम से महत्वपूर्ण सैन्य क्षमताओं के विकास, संस्थागत सुधारों और रणनीतिक साझेदारियों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।