विशाखापत्तनम पोर्ट ने रचा इतिहास, 292 मीटर लंबे विशाल मालवाहक जहाज की सफल बर्थिंग

'एमवी ग्रेशियस' को आंतरिक जलक्षेत्र में लगाया गया, अब केप-साइज जहाजों को संभालने में और मजबूत हुआ बंदरगाह
विशाखापत्तनम पोर्ट ने रचा इतिहास, 292 मीटर लंबे विशाल मालवाहक जहाज की सफल बर्थिंग
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विशाखापत्तनम : विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी (VPA) ने समुद्री कारोबार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बंदरगाह के आंतरिक सुरक्षित जलक्षेत्र में 292 मीटर लंबे केप-साइज मालवाहक जहाज ‘एमवी ग्रेशियस’ की सफल बर्थिंग की गई है।

वीपीए के अनुसार, जहाज को ईक्यू-1 बर्थ पर सफलतापूर्वक खड़ा किया गया। यह विशाल जहाज 45 मीटर चौड़ा है और इसकी ड्राफ्ट गहराई 12.2 मीटर है, जो इसे बड़े मालवाहक जहाजों की श्रेणी में शामिल करती है।

केप-साइज जहाज दुनिया के सबसे बड़े मालवाहक जहाजों में गिने जाते हैं और ये लगभग दो लाख टन तक माल ढोने की क्षमता रखते हैं। अपने विशाल आकार के कारण ये जहाज पनामा नहर से नहीं गुजर सकते और आमतौर पर केप ऑफ गुड होप के रास्ते अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर संचालित होते हैं।

वीपीए ने बयान जारी कर कहा कि ‘एमवी ग्रेशियस’ की सफल बर्थिंग बंदरगाह के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे विशाखापत्तनम पोर्ट की बड़े जहाजों को संभालने की क्षमता और मजबूत हुई है।

इस उपलब्धि के बाद बंदरगाह के पास अब एक से अधिक ऐसे बर्थ उपलब्ध हैं, जहां केप-साइज जहाजों को सुरक्षित रूप से लगाया जा सकता है। इससे माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े मालवाहक जहाजों की आवाजाही बढ़ने से विशाखापत्तनम बंदरगाह देश के प्रमुख समुद्री व्यापार केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।

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