

सन्मार्ग संवाददाता
हुगली : पांडुआ के तीन्ना ब्रिज के पास ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर बांस और बेंच रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने तृणमूल के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप है कि पथश्री योजना के तहत सड़क निर्माण के लिए टेंडर बोर्ड तो लगा दिए गए थे, लेकिन अब तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि जर्जर सड़क से छात्र-छात्राओं को स्कूल जाना पड़ता है और बीमार मरीजों के लिए आवागमन मुश्किल हो गया है। इससे न केवल स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा खतरे में है, बल्कि मरीजों के लिए भी रोजाना आवागमन जोखिमपूर्ण बन गया है। इसके बावजूद, बार-बार पंचायत और संबंधित सदस्य को इस समस्या से अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर ग्रामीणों ने सड़क अवरोध कर विरोध जताया। घटना की जानकारी मिलते ही पांचगड़ा तोर ग्राम पंचायत के प्रधान मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सड़क निर्माण कार्य को लेकर कार्रवाई की जाएगी और डेढ़ महीने के भीतर सड़क का निर्माण पूरा कर दिया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने शांतिपूर्वक सड़क अवरोध हटा लिया।
इस दौरान पांडुआ थाना की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही और स्थिति पर नजर बनाए रखी। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन शांति पूर्ण था और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच हुई बातचीत ने समस्या का अस्थायी समाधान निकालने में मदद की।
स्थानीय लोग इस आशा में हैं कि प्रधान और पंचायत के आश्वासन के अनुसार सड़क का निर्माण जल्द शुरू होगा और बच्चों तथा मरीजों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे निर्माण कार्य में देरी न हो, इसके लिए नियमित निगरानी की जानी चाहिए।
इस घटना ने एक बार फिर यह उजागर किया कि ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे की कमी और देरी सीधे लोगों की जिंदगी और सुरक्षा को प्रभावित करती है। ग्रामीणों का गुस्सा और उनका सक्रिय प्रदर्शन स्थानीय प्रशासन के लिए चेतावनी भी बन गया है।