

हनोई: वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुए दर्दनाक स्पीडबोट हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय पर्यटकों के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया भारतीय दूतावास ने शुरू कर दी है। दूतावास ने रविवार को बताया कि सभी शवों को पहले हो ची मिन्ह सिटी ले जाया जा रहा है, जहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें जल्द से जल्द भारत भेजा जाएगा।
भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास की टीमें वियतनामी प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए हैं। वियतनाम सरकार ने भी शवों को शीघ्र भारत भेजने में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है।
शनिवार को यह हादसा उस समय हुआ, जब 32 पर्यटकों और 4 क्रू मेंबर को लेकर जा रही स्पीडबोट होन मे रुट नगोआई द्वीप से लौटते समय तट से करीब 500 मीटर पहले पलट गई। हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई।
मृतकों में 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरल के निवासी शामिल हैं। इनमें दो महिलाएं भी थीं। वहीं, हादसे में बचाए गए 17 भारतीयों में से 16 को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और वे भारत लौट रहे हैं।
दूतावास ने बताया कि गंभीर रूप से घायल दो लोगों में से एक को भी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि एक भारतीय का इलाज अभी भी फु क्वोक के अस्पताल में जारी है।
घटना के बाद तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल सरकारों ने पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।