

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य भर में भारी बारिश के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पिछले डेढ़ महीने से लगातार हरी सब्जियों की कीमद सातवेें आसमान पर है। आम लोगों की थाली से हरी सब्जियां जैसे गायब सी होने लगी है। करेला तो करेला, अब तो भिंडी का स्वाद भी लोगों को कड़वा लगने लगा है। स्थिति यह है कि वर्तमान समय में बाजार में कोई भी हरी सब्जी 60 रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे नहीं है। कोलकाता से लेकर जिलों तक हर जगह यही स्थिति है। कारण यह है कि राज्य में लगातार हो रही है बारिश से लगभग सभी जिले में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से खेतों में पानी लगने के कारण इस साल सब्जी की पैदावार कभी नष्ट हो गया। इसका प्रभाव सीधे सब्जियों की कीमत पर देखा जा रहा है।
लगातार बारिश से बैंगन, कैप्सीकम व करेला की फसल बर्बाद
राज्य में लगातार बारिश के कारण काफी सब्जियों की खेती नष्ट हुई है। मछुआ के एक व्यवसायी बिरजू ने बताया कि भारी बारिश और तूफान ने बैंगन की फसलों को तबाह कर दिया है। पौधों में अत्यधिक बारिश के पानी ने जड़ों को कमजोर कर दिया और समय से पहले फूल झड़ गए, जिससे उत्पादन में कमी आई। इससे कई जगहों पर किसानों ने जोखिम के कारण बैंगन की खेती पूरी तरह से बंद कर दी है। इसके अलावा महानगर के बाजारों में सहजन, शिमला मिर्च, गाजर और बीन्स जैसी सब्जियों की कीमतों में भारी वृद्धि देखी जा रही है।
अगर टास्क फोर्स सक्रिय हुई तो कम हो सकती है सब्जियों की कीमत
सीधे शब्दों में कहें तो ज्यादातर सब्जियों की कीमत आम आदमी के सिर चढ़कर बोल रहे हैं। कोलकाता से लेकर बांकुड़ा, उत्तर 24 परगना तक, हर जगह यही स्थिति है। लोगों का कहना है कि अगर टास्क फोर्स सक्रिय होती, तो आम आदमी को कम से कम कुछ राहत जरूर मिलती। विक्रेताओं का दावा है कि मूल्य वृद्धि लगातार कम दबाव के कारण अत्यधिक बारिश के प्रभाव के कारण है। पिछले कुछ हफ्तों में जिलों में भारी बारिश हुई है। लगातार बारिश ने सब्जी की खेती को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। बीघा के बाद बीघा जमीन जलमग्न हो गई है। इस वजह से सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक नजर सब्जियों की कीमतों पर
शिमला मिर्च 140-150
सहजन 100-120
बैंगन 70-80
करेला 60-80
पत्तागोभी 50-70
भिंडी 60-80
पटल 50-70
खीरा 60-80
टमाटर 60-80
मिर्च 150-200