

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : जादवपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर चिरंजीब भट्टाचार्य ने कैंपस में वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा आयोजित उस सम्मेलन की अनुमति से जुड़ी नोटिस वापस ले ली है, जिसमें AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने हिस्सा लिया था। इस सम्मेलन में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को खत्म करने जैसी कई मांगों पर तीखी चर्चा हुई थी। इस कार्यक्रम को लेकर ABVP ने बाहरी लोगों की मौजूदगी पर कड़ा विरोध जताया था, जिसके बाद यूनिवर्सिटी ने कार्यक्रमों की मंजूरी देने वाली पुरानी समिति को भंग कर दिया था। हालांकि, फैकल्टी मेंबर और समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर गायेन भट्टाचार्य के साथ हुई लंबी बातचीत के बाद वीसी ने ईमेल भेजकर स्पष्ट कर दिया कि अब किसी भी प्रकार के लिखित स्पष्टीकरण की कोई आवश्यकता नहीं है।
8 सदस्यीय नई कमेटी गठित
प्रोफेसर से स्पष्टीकरण मांगने वाली नोटिस वापस ली जाने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस पूरे मामले में नरमी के संकेत दिए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला आपसी बातचीत और स्थिति की समीक्षा के बाद लिया गया है। हालांकि इससे पहले, इस आयोजन के दौरान हुई प्रक्रियागत खामियों का हवाला देते हुए यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार 6 अक्टूबर को पुरानी समिति को भंग कर दिया था और उसकी जगह बुधवार को 8 सदस्यों वाली एक नई कमेटी का गठन कर दिया था ताकि भविष्य में ऐसे आयोजनों की निगरानी बेहतर ढंग से की जा सके। इस पूरी उठापटक के बीच कैंपस में प्रशासनिक पारदर्शिता और वैचारिक आयोजनों की अनुमति को लेकर चर्चा का दौर अब भी लगातार जारी है।