भोजशाला में वसंत पंचमी की पूजा, जिसकी हो रही ड्रोन से निगरानी

हिंदू त्योहार और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने के मद्देनजर इस ऐतिहासिक शहर में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए करीब 8,000 पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।
भोजशाला में वसंत पंचमी की पूजा, जिसकी हो रही ड्रोन से निगरानी
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इंदौरः वसंत पंचमी के मौके पर शुक्रवार को धार के भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर में सूर्योदय के बाद से हिंदू समुदाय द्वारा पूजा-अर्चना किए जाने का सिलसिला शुरू हो गया और दिन चढ़ने के साथ ही 11वीं सदी के इस विवादित स्थल पर श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा देखा गया।

हिंदू त्योहार और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने के मद्देनजर इस ऐतिहासिक शहर में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए करीब 8,000 पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। सूर्योदय के साथ ही विवादित परिसर में श्रद्धालुओं के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया था।

स्थानीय संगठन 'भोज उत्सव समिति' के सदस्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वाग्देवी (देवी सरस्वती) का चित्र स्थापित करके पूजा शुरू की। इस दौरान हवन कुंड में आहुति डाल कर 'अखंड पूजा’ (सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा का लगातार चलने वाला क्रम) की शुरुआत की गई। पूजा स्थल को फूलों की मालाओं और भगवा झंडों से सजाया गया है। विवादित परिसर के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कर्मी तैनात हैं।

ड्रोन व सीसीटीवी कैमरे से सुरक्षा की निगरानी

जिलाधिकारी प्रियंक मिश्रा ने बताया कि विवादित परिसर में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हिंदू समुदाय द्वारा पूजा-अर्चना सुचारू रूप से जारी है। उन्होंने कहा, "हमने ऐसी व्यवस्थाएं की हैं कि हिंदू पक्ष की पूजा और मुस्लिम पक्ष की नमाज, दोनों निर्बाध रूप से हो।" मिश्रा ने विवादित परिसर में दोपहर में नमाज पढ़ने वाले लोगों की तादाद का खुलासा किए बगैर बताया कि उन्हें नमाज पढ़ने की जगह के विकल्प दिए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि पूरे शहर की ‘मैपिंग’ की गई है और संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। उन्होंने बताया कि विवादित परिसर को छह सेक्टर में बांटा गया है जबकि शहर को सात जोन में विभाजित करते हुए हर गली पर निगाह रखी जा रही है। अवस्थी ने बताया कि विवादित परिसर पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से भी नजर रखी जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि किसी भी तरह के भड़काऊ संदेशों का प्रसार रोकने के लिए सोशल मीडिया की भी निगरानी की जा रही है।

इस बीच, दिन चढ़ने के साथ ही विवादित परिसर में हिंदू पक्ष के श्रद्धालुओं की तादाद बढ़नी शुरू हो गई है। अपने परिवार के साथ दर्शन करने आईं सारिका शर्मा ने कहा, "वसंत पंचमी के अवसर पर देवी सरस्वती के दर्शन करके हमें बहुत अच्छा लग रहा है। हम चाहते हैं कि भोजशाला मसले का स्थायी समाधान जल्द हो।"

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक तैयारियां

इस वर्ष वसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ने के कारण दोनों समुदायों ने विवादित परिसर में पूजा-अर्चना और नमाज के लिए दावा किया था। उच्चतम न्यायालय ने स्थिति को देखते हुए बृहस्पतिवार को हस्तक्षेप किया और समय-विभाजन का स्पष्ट फॉर्मूला तय किया। शीर्ष अदालत ने विवादित परिसर में वसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को पूजा-अर्चना करने, जबकि मुसलमानों को दोपहर एक बजे से तीन बजे तक नमाज अदा करने की अनुमति दी है।

भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष 11वीं सदी के इस स्मारक को कमाल मौला मस्जिद बताता है। यह परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित है। भोजशाला को लेकर विवाद शुरू होने के बाद एएसआई ने सात अप्रैल 2003 को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश के अनुसार तय की गई व्यवस्था के मुताबिक हिंदुओं को प्रत्येक मंगलवार भोजशाला में पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुस्लिमों को हर शुक्रवार इस जगह नमाज अदा करने की इजाजत दी गई है।

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