

देहरादून : उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे के दौरान एक बच्चा उफनाई सरयू नदी में बहकर लापता हो गया जबकि एक अन्य व्यक्ति की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
चारधाम यात्रा पर अस्थायी रूप से रोक
उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन से चार राष्ट्रीय राजमार्गों सहित करीब 150 सड़कें अवरुद्ध हो गईं, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने सोमवार को एहतियात के तौर पर चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी। अधिकारियों ने बताया कि मौसम विभाग ने सोमवार के लिए देहरादून, टिहरी और हरिद्वार जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ तथा शेष जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रशासन को चौबीसों घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बच्चा सरयू नदी में बहा, बज्रपात से एक व्यक्ति की मौत
भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए प्रदेश के सभी जिलों में कक्षा एक से 12 तक के विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में सोमवार को आठ वर्षीय एक बच्चा सरयू नदी में बह गया। बागेश्वर के प्रभारी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी प्रवीण गोस्वामी ने बताया कि राकेश नाम का बच्चा अपनी मां के साथ मंदिर में शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए नदी से पानी लेने गया था और इसी दौरान वह उफनाई नदी में बह गया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और जल पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं लेकिन अब तक उसका पता नहीं चल सका है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र के फू गांव में जंगल में बकरियां चराने गए दीवान सिंह (52) की रविवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई।
कहां कितनी बारिश ?
केंद्र के अनुसार, चमोली जिले के नारायणबगड़ बाजार में सोमवार तड़के हुई भारी बारिश के दौरान छह-सात दुकानों में पानी और मलबा भर गया, जिसे हटाने का काम जारी है।
देहरादून स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश हुई। इस दौरान शामा में 220 मिलीमीटर (मिमी), पोखरी व डीडीहाट में 109-109 मिमी, किच्छा में 108 मिमी, मालदेवता में 103.5 मिमी, रुद्रपुर में 99 मिमी, कपकोट में 97 मिमी, हाथीबड़कला व गौचर में 95-95 मिमी, बंगापानी में 92 मिमी, लोहारखेत में 91 मिमी, नरेंद्रनगर में 82.5 मिमी, तेजम में 81 मिमी, धारचूला में 77.2 मिमी, उखीमठ में 77 मिमी, खटीमा में 75 मिमी, डंगोली में 73 मिमी, धनोल्टी में 72 मिमी और कीर्तिनगर में 70 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण प्रदेश में चार राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 149 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं।
चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक
केंद्र के अनुसार, पिथौरागढ़ जिले में तवाघाट-गुंजी व धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग और देहरादून जिले में हरबर्टपुर-बड़कोट व देहरादून-त्यूनी-चकराता-मसूरी राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन और मलबा आने के कारण बंद हैं। लगातार बारिश, मौसम विभाग के ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट तथा विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मौजूदा मौसम और यात्रा मार्गों की स्थिति के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि मार्ग सुरक्षित होने और परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
जिलाधिकारियों को निर्देश
गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर मौजूद तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए तथा किसी भी यात्री को तब तक आगे नहीं भेजा जाए, जब तक मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता।
उन्होंने अधिकारियों को मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के जरिए तीर्थयात्रियों तथा आम जनता तक समय पर सही जानकारी पहुंचाने के भी निर्देश दिए, ताकि किसी प्रकार की अफवाह या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने तथा मौसम व मार्ग की स्थिति सामान्य होने तक संबंधित जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की।