वाशिंगटन : अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कई देशों के खिलाफ लगाए गए व्यापक शुल्क वृद्धि (ट्रंप के टैरिफ ) आदेशों को शुक्रवार को रद्द कर दिया। इससे ट्रंप के आर्थिक एजेंडे को बड़ा झटका लगा है।न्यायालय द्वारा 6-3 के बहुमत से सुनाये गये इस फैसले का केंद्र बिंदु आपातकालीन शक्तियों के कानून के तहत लगाए गए शुल्क हैं, जिनमें लगभग हर दूसरे देश पर लगाए गए व्यापक ‘‘पारस्परिक’’ शुल्क भी शामिल हैं।
कर लगाने की शक्ति कांग्रेस के पास : न्यायालय ने पाया कि संविधान ‘‘बहुत स्पष्ट रूप से’’ कांग्रेस को कर लगाने की शक्ति देता है, जिसमें शुल्क भी शामिल हैं। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने फैसले में लिखा, ‘‘संविधान निर्माताओं ने कराधान की शक्ति का कोई भी हिस्सा कार्यपालिका शाखा को नहीं सौंपा।’’
टैरिफ को वैध कहने वाले न्यायाधीश : न्यायमूर्ति सैमुअल एलिटो, न्यायमूर्ति क्लेरेंस थॉमस और न्यायमूर्ति ब्रेट कावानाघ ने इस पर असहमति व्यक्त की। न्यायमूर्ति कावानाघ ने लिखा, ‘‘यहां जिन शुल्कों पर चर्चा हो रही है, वे नीति के लिहाज से उचित हो सकते हैं या नहीं हो सकते हैं। लेकिन लिखित प्रमाण, इतिहास और पूर्व उदाहरणों के आधार पर, ये स्पष्ट रूप से वैध हैं।’’
आम जनता में शुल्क लोकप्रिय नहीं : सर्वेक्षणों से पता चला है कि आम जनता में शुल्क व्यापक रूप से लोकप्रिय नहीं हैं। खासकर बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को लेकर मतदाताओं की चिंताओं के बीच, लोग इन शुल्कों को सकारात्मक रूप में नहीं देख रहे हैं।
ट्रंप प्रशासन की दलील : ट्रंप प्रशासन ने दलील दी कि 1977 का वह कानून जो राष्ट्रपति को आपात स्थितियों के दौरान आयात को विनियमित करने की अनुमति देता है, उन्हें शुल्क निर्धारित करने की भी अनुमति देता है। अन्य राष्ट्रपतियों ने भी इस कानून का इस्तेमाल कई बार किया है, अक्सर प्रतिबंध लगाने के लिए, लेकिन ट्रंप आयात करों के लिए इसका इस्तेमाल करने वाले पहले राष्ट्रपति थे। ट्रंप ने अप्रैल 2025 में ज्यादातर देशों पर ‘‘पारस्परिक’’ शुल्क लगाए, ताकि व्यापार घाटे को दूर किया जा सके, जिसे उन्होंने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया था।
चुनौती देने वालों की दलील : चुनौती देने वालों ने दलील दी कि आपातकालीन शक्तियों के कानून में शुल्क का उल्लेख तक नहीं है और ट्रंप द्वारा इसका उपयोग कई कानूनी समीक्षाओं में विफल रहता है, जिसमें एक ऐसी समीक्षा भी शामिल है जिसने तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन के 500 अरब अमेरिकी डॉलर के छात्र ऋण माफी कार्यक्रम को विफल कर दिया था।
क्या होगा आर्थिक प्रभाव : कांग्रेस बजट कार्यालय के अनुसार, ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्क का आर्थिक प्रभाव अगले दशक में लगभग तीन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है। दिसंबर के संघीय आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रपति द्वारा आपातकालीन शक्तियों कानून के तहत लगाए गए आयात करों से राजकोष ने 133 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि एकत्र की है।