107 दिन बाद खत्म होगा अमेरिका-ईरान संघर्ष! शांति समझौते पर बनी सहमति, होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा

ट्रंप ने किया ऐलान, सीजफायर से लेकर परमाणु कार्यक्रम तक कई मुद्दों पर बनी सहमति
107 दिन बाद खत्म होगा अमेरिका-ईरान संघर्ष! शांति समझौते पर बनी सहमति, होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा
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वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 107 दिनों से जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए शांति समझौते पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी घोषणा की। दोनों देशों के बीच समझौते पर स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते के बाद रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को फिर से खोलने का रास्ता साफ हो गया है।

समझौते को लेकर अमेरिका और ईरान दोनों पक्षों ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि इससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होगा और वैश्विक ऊर्जा बाजार को बड़ी राहत मिल सकती है।

अमेरिका-ईरान शांति समझौते की 10 बड़ी बातें

1. स्विट्जरलैंड में होगा समझौते पर हस्ताक्षर

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बन चुकी है। डील पर स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे। अमेरिका की ओर से जेडी वेंस और ईरान की ओर से अब्बास अराघची व मोहम्मद बाघेर गालिबाफ इसमें शामिल हो सकते हैं।

2. सैन्य कार्रवाई पर तत्काल रोक

समझौते के तहत दोनों देश सैन्य अभियानों को तुरंत रोकेंगे। इसके अलावा लेबनान से जुड़े संघर्ष को खत्म करने का प्रस्ताव भी शामिल है।

3. पाकिस्तान ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका

इस शांति समझौते में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए समझौते की जानकारी दी।

4. 60 दिनों का सीजफायर

समझौते के तहत 60 दिनों का युद्धविराम लागू होगा। इस दौरान दोनों देशों के बीच प्रतिबंधों, फ्रीज की गई संपत्तियों की रिहाई और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी। अंतिम समझौता लागू होने तक अस्थायी व्यवस्था जारी रहेगी।

5. होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा, ब्लॉकेड हटेगा

अमेरिका-ईरान समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खोलने की तैयारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि शुक्रवार से यह मार्ग फिर से खुल सकता है। साथ ही ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए अमेरिकी ब्लॉकेड को भी खत्म किया जाएगा।

6. ईरान की 25 अरब डॉलर की संपत्ति होगी रिलीज

ड्राफ्ट समझौते के अनुसार अमेरिका ईरान की करीब 25 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्तियों को जारी कर सकता है। इसमें से करीब 12 अरब डॉलर की राशि समझौते से पहले जारी किए जाने की बात कही गई है।

7. परमाणु कार्यक्रम पर ईरान की सहमति

ईरान समझौते के तहत परमाणु हथियार विकसित नहीं करने और यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम का विस्तार नहीं करने का भरोसा देगा।

8. ऊर्जा बाजार को मिलेगी राहत

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और होर्मुज स्ट्रेट खुलने से तेल और एलपीजी की सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव कम हो सकता है।

9. इजरायल समझौते का हिस्सा नहीं

अमेरिका-ईरान समझौते में इजरायल औपचारिक पक्षकार नहीं है। हालांकि इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे।

10. इजरायल में उठे सवाल

इजरायल में इस समझौते को लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है। विपक्षी नेताओं ने इसे देश की विदेश और सुरक्षा नीति की विफलता बताया है।

वैश्विक बाजारों पर पड़ेगा असर

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव खत्म होने से तेल आपूर्ति में सुधार की उम्मीद है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और एलपीजी की आवाजाही होती है। लंबे समय से जारी संकट के कारण प्रभावित हुई समुद्री गतिविधियों को भी राहत मिलने की संभावना है।

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