पाटलिपुत्र स्टेशन पर छात्रों का तांडव, फायरिंग, लाठीचार्ज और 6 गिरफ्तार

बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले ट्रेन व्यवस्था को लेकर छात्रों का उग्र प्रदर्शन, स्पेशल ट्रेन और आश्वासन के बावजूद परीक्षा स्थगित करने की मांग पर अड़े, स्टेशन पर दुकानों व रेलवे संपत्ति को भारी नुकसान
घटना में सेंट्रल आईजी जितेंद्र राणा समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं
सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले पटना में बवाल, पाटलिपुत्र स्टेशन पर छात्रों का हंगामा
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पटना: बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले रविवार तड़के राजधानी पटना का पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए ट्रेन व्यवस्था को लेकर नाराज अभ्यर्थियों ने स्टेशन पर जमकर हंगामा किया, ट्रेनों को रोक दिया और कई जगह तोड़फोड़ की। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को लाठीचार्ज, आंसू गैस और हवाई फायरिंग का सहारा लेना पड़ा। घटना में सेंट्रल आईजी जितेंद्र राणा समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

ट्रेनों में जगह नहीं मिलने पर भड़का गुस्सा

प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कटिहार, मधुबनी, दरभंगा और सीमांचल क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों तक जाने के लिए पाटलिपुत्र स्टेशन पहुंचे थे। छात्रों का आरोप था कि उपलब्ध ट्रेनों में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जिसके चलते हजारों अभ्यर्थियों के सामने परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचने का संकट खड़ा हो गया।

इसी नाराजगी के बीच सैकड़ों अभ्यर्थी रेलवे ट्रैक पर उतर गए और कई ट्रेनों को रोक दिया। कुछ प्रदर्शनकारी इंजन पर भी चढ़ गए, जिससे रेल परिचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया।

स्पेशल ट्रेन के बावजूद नहीं माने प्रदर्शनकारी

रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों की मांग पर विशेष ट्रेन चलाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के मुताबिक रात करीब ढाई बजे स्पेशल ट्रेन भी स्टेशन पर पहुंचा दी गई, लेकिन तब तक प्रदर्शनकारी परीक्षा स्थगित करने की मांग पर अड़ गए।

रेल आईजी अमरेश कुमार ने बताया कि प्रशासन ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया था कि ट्रेन समय पर उन्हें गंतव्य तक पहुंचा देगी और आवश्यकता पड़ने पर परीक्षा पुनर्निर्धारित करने पर भी विचार किया जा सकता है, लेकिन कुछ लोग मानने को तैयार नहीं हुए।

पथराव के बाद पुलिस का एक्शन

स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और रेलवे संपत्ति पर पथराव शुरू कर दिया। कई ट्रेनों के शीशे टूट गए और स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पथराव में सेंट्रल आईजी जितेंद्र राणा की गर्दन पर चोट लगी।

हालात नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की, फिर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद भीड़ नहीं हटी तो तीन राउंड हवाई फायरिंग की गई। इसके बाद प्रदर्शनकारी ट्रैक छोड़कर भागने लगे और रेलवे लाइन खाली कराई गई।

स्टेशन पर तोड़फोड़, दुकानों को भी नुकसान

घटना के दौरान स्टेशन परिसर की कई दुकानों और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचा। एक दुकानदार ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने उसकी दुकान में पथराव किया और सामान तहस-नहस कर दिया। सुबह तक प्लेटफॉर्म और ट्रैक पर टूटे कांच और पत्थर बिखरे हुए दिखाई दिए।

500 अज्ञात पर केस, 6 गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में छह अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

आईजी जितेंद्र राणा ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का दावा- स्थिति पूरी तरह सामान्य

पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने बार-बार इमरजेंसी चेन खींचकर और अन्य परीक्षार्थियों को रोककर स्थिति को बिगाड़ने का प्रयास किया। प्रशासन ने न्यूनतम बल प्रयोग करते हुए हालात को नियंत्रित किया।

उन्होंने कहा कि अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है, ट्रेनों का संचालन बहाल कर दिया गया है और परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की एंट्री सुचारु रूप से हुई।

पूरे बिहार में कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा

बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए राज्यभर में हजारों अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। कटिहार, समस्तीपुर, नालंदा, सीवान समेत विभिन्न जिलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। परीक्षार्थियों की जांच के बाद ही केंद्रों में प्रवेश दिया जा रहा है, जबकि अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें भी चलाई गई हैं।

हालांकि पाटलिपुत्र स्टेशन पर हुई घटना ने परीक्षा प्रबंधन, परिवहन व्यवस्था और अभ्यर्थियों की सुविधाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है।

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