

UPI से 2,000 रुपये तक का भुगतान करने वालों के लिए फिलहाल राहत है, लेकिन सरकार के नए फैसले ने इससे ऊपर के लेनदेन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। Finance Ministry ने साफ किया है कि ₹2,000 तक के UPI भुगतान और RuPay Debit Card से होने वाले भुगतान पर कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
दरअसल, यह फैसला ऐसे समय आया है जब सरकार ने UPI पर Merchant Discount Rate यानी MDR लगाने का रास्ता खोला है। नए नियम के तहत ₹2,000 से ऊपर के कुछ Merchant Payments पर भविष्य में शुल्क लगाया जा सकता है। हालांकि, अभी इसकी दर तय नहीं हुई है और न ही यह कहा गया है कि हर ₹2,000 से ऊपर के UPI भुगतान पर चार्ज लगेगा।
सरकार का कहना है कि UPI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ Cybersecurity, Fraud Prevention और Payment Infrastructure पर खर्च भी बढ़ रहा है। MDR से इस पूरे सिस्टम के लिए कमाई का एक टिकाऊ मॉडल तैयार किया जा सकता है।
नए नियम को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिकी कंपनियों के दबाव में UPI पर शुल्क लगाने का रास्ता खोल रही है। उनका कहना है कि अगर दुकानदारों से MDR लिया गया तो उसका असर आगे चलकर सामान की कीमतों पर पड़ सकता है।
हालांकि, अमेरिकी दबाव में यह फैसला लिया गया है, यह राहुल गांधी का आरोप है, सरकार की ओर से स्थापित तथ्य नहीं। सरकार पहले ही कह चुकी है कि प्रस्तावित शुल्क का मकसद UPI व्यवस्था को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना है।
फिलहाल ₹2,000 तक के UPI भुगतान पर कोई चार्ज नहीं है। Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले भुगतान को भी प्रस्तावित शुल्क से बाहर रखने की बात कही गई है। वहीं, ₹2,000 से ऊपर के Merchant Payments पर कितना MDR लगेगा और कब से लागू होगा, यह अभी तय होना बाकी है।