उधमपुर-बारामूला परियोजना : रेलवे ने सुरंग संचार कार्य में देर की ओर ध्यान दिलाया

जाने क्या है पूरा मामला
उधमपुर-बारामूला परियोजना : रेलवे ने सुरंग संचार कार्य में देर की ओर ध्यान दिलाया
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नई दिल्ली : रेलवे ने शिकायत की है कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना (यूएसबीआरएल) के 2 खंडों के बीच ‘एस्केप’ सुरंगों (आपात स्थिति में निकलने का वैकल्पिक मार्ग) के अंदर संचार प्रणाली अधूरी है और अब तक इसे पूरा नहीं किया गया है।

उत्तर रेलवे ने अपने सेवा प्रदाता कोंकण रेलवे कम्युनिकेशन लिमिटेड को एक लिखित पत्र में शिकायत की है। कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने के लिए 272 किलोमीटर लंबी यूएसबीआरएल परियोजना के अंतिम कटरा-सांगलदान खंड का उद्घाटन 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाना था। हालांकि, खराब मौसम के पूर्वानुमान के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था और नयी तारीख की घोषणा अभी नहीं की गयी है।

ट्रेन परिचालन दक्षता और सुरक्षा के लिए यूएसबीआरएल परियोजना में एक एकीकृत सुरंग संचार प्रणाली स्थापित करने का काम कोंकण रेलवे कम्युनिकेशन लिमिटेड (केआरसीएल) को दिया गया था। उत्तर रेलवे के पत्र के अनुसार, विभिन्न लिखित निर्देशों के साथ-साथ बार-बार मौखिक चर्चाओं के बावजूद केआरसीएल ने सुरंग के अंदर संचार के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण कार्य पूरा नहीं किया है।

पत्र के अनुसार, रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने संगलदान से रियासी खंड का निरीक्षण पिछले साल 18 जून को किया था और रियासी से कटरा तक के खंड का निरीक्षण इस साल 8 जनवरी को किया था, लेकिन साइट पर सुरंग वीएचएफ संचार कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है। केआरसीएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक को संबोधित पत्र में कहा गया है, ‘संगलदान से डुग्गा और कटरा-रियासी खंड में अब तक ‘एस्केप’ सुरंग में सुरंग वीएचएफ (बहुत उच्च आवृत्ति) संचार चालू नहीं किया गया है।’

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